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सर्वकोश
बृहत्पाराशर होरा शास्त्र (महर्षि पराशर - सम्पूर्ण फलित ज्योतिष महाकोश सान्वय सटीक)

बृहत्पाराशर होरा शास्त्र (महर्षि पराशर - सम्पूर्ण फलित ज्योतिष महाकोश सान्वय सटीक)

Brihat Parashara Hora Shastra of Maharshi Parasara with Commentary

महर्षि पराशर (टीकाकार: पं. गणेशदत्त पाठक / सीताराम झा) द्वारा

DevanagariHindipublished800 पृष्ठ

पृष्ठ 607, कुल 800 में से

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पृष्ठ 607

अष्टकवर्गाध्यायः । ६०७
लग्नम्न्दारविच्चन्द्राः सर्वे जीवज्ञभास्कराः ।
६ भाव में गुरु, बुध, सूर्य, चंद्र ये रेखाप्रद हैं। ७ भाव में भौम, शनि ये
रेखाप्रद हैं। ८ भाव में लग्न, चंद्र, शुक्र, गुरु, भौम, शनि ये रेखाप्रद हैं। ९ भाव
में शनि, भौम, सूर्य, बुध, शुक्र ये रेखाप्रद हैं। १० भाव में लग्न, शनि, भौम,
बुध, चन्द्र रेखाप्रद हैं। ११ भाव में सूर्य, चंद्र, भौम, बुध, शुक्र, शनि ये रेखाप्रद
हैं। १२ भाव में गुरु, बुध, सूर्य रेखाप्रद हैं।।५९।।
बुधभावस्थानप्रदान्ग्रहानाह
रे. स. ५४ . बुधस्याष्टकवर्गः

बु.बृ.शु.श.सू.चं.मं.ल.
१६११५२११
२८२२६४२२
५११३४९६४४
६१२४७११८७६
९५८१२१०८८
१०८९११९१०
११९१०१०११
१२११११११

[बुधस्याष्टकवर्ग चक्र:]
तनु/लग्न: ।।।।बु ५ वृ; द्वितीय: ।।।।सू. ४; तृतीय: ।।।शु. ३ चं; चतुर्थ: ।।।। २, ।।।।।। ४; पंचम: ।।।।| ६; षष्ठ: ५, ।।।।। ।७; सप्तम: ।।।।।। ७ श; अष्टम: ।।। ९; नवम: ।।।। १०; दशम: ।।।।।। मं ११; एकादश/द्वादश: ।।।।| १२
अथ गुरोः भावस्थानप्रदान्ग्रहानाह-
गुरोर्लग्नेसुखे जीवलग्नार्कबुधाः धने ।।६०।।
गुरु से १ । ४ भाव में गुरु, लग्न, भौम, सूर्य, बुध ये ५ ग्रह रेखाप्रद हैं।।६०।।
चन्द्रशुक्रौ च दुश्चिक्ये मन्दार्यार्काः शनिव्यये ।
सुते शुक्रेन्दुलग्नज्ञश्चन्द्रंविनात्वरौ ।।६१।।
२ भाव में गुरु, लग्न, भौम, सूर्य, बुध, चंद्र, शुक्र ये ७ ग्रह रेखाप्रद हैं।
३ भाव में शनि, गुरु, सूर्य ये ३ रेखाप्रद हैं। ५ भाव में शुक्र, चंद्र, लग्न, बुध, शनि
ये ५ ग्रह रेखाप्रद हैं। ६ भाव में शुक्र, लग्न, बुध, शनि ये ४ ग्रह रेखाप्रद हैं।।६१।।
लग्नार्याऽर्केन्दवोऽस्ते मृतौ जीवार्कभूसुताः ।
धर्मे शुक्रार्कलग्नेन्दुबुधाः मंदं विनाऽऽयमे ।।६२।।
माने गुरुबुधारार्कशुक्रहोरास्तथा विदुः ।
७ भाव में लग्न, गुरु, भौम, सूर्य, चंद्र ये रेखाप्रद हैं। ८ भाव में गुरु, सूर्य,
भौम ये रेखाप्रद हैं। ९ भाव में शुक्र, सूर्य, चंद्र, बुध ये रेखाप्रद हैं। ११ भाव