बृहद्देशी (मतंग मुनि - राग-पद्धति का विश्व में सर्वप्रथम प्रतिपादक ग्रन्थ)

बृहद्देशी (मतंग मुनि - राग-पद्धति का विश्व में सर्वप्रथम प्रतिपादक ग्रन्थ)
The Brihaddeshi of Sri Matanga Muni
मतंग मुनि (सम्पादक: के. साम्बशिव शास्त्री) द्वारा
DevanagariSanskritpublished175 पृष्ठ
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बृहद्देश्यां स्मृता ग्रन्थकर्तारः ।
काश्यपः ८७, ९२, ९४, ९७, ९९, १०२, १०४. पृष्ठ.
कोहलः ५, १२, ३२, ३९, ९६.
दत्तिलः २९, ३०.
दुर्गाशक्तिः ८२, ९४, ९९, १०१.
नन्दिकेश्वरः ३२.
नारदः १, १७, २०, २१.
ब्रह्मा ८७.
भरतः ५, ११, २८, २९, ५४, ५७, ५८, ५९,
६०, ६७, ८१, ८२, ८७, ९६.
महेश्वरः १२.
याष्टिकः ८२, १०५, ११३, ११७, १२५, १२८,
१३०.
वल्लभः १४९.
विश्वावसुः ४.
शार्दूलः ८२, १३३.