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सर्वकोश
ब्रह्मचर्य साधना

ब्रह्मचर्य साधना

Brahmacharya Sadhana

स्वामी शिवानन्द सरस्वती द्वारा

स्रोत: 1980 Hindi 2nd Edition (Yoga-Vedanta Forest Academy) · Yoga-Vedanta Forest Academy / The Divine Life Trust Society, Rishikesh · 1980 (उद्गम)

DevanagariHindipublished237 पृष्ठ

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ब्रह्मचर्य साधना

| जप | १ घन्टा
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| गीता स्वाध्याय | १ घन्टा
| ध्यान | ३० मिनट
(ख) | सिद्धासन | २० मिनट
| प्राणायाम | ३० मिनट
| दूध तथा फल | रात्रि
| उड्डियान बन्ध | तीन बार ।
(मन को) | अध्ययन, कुलवारी लगाना, | कीर्तन
| इत्यादि में पूर्णतः लगाये रखिये ) |
(ग) | कीर्तन | ३० मिनट
| प्रार्थना | ३० मिनट
| सत्संग | १ घन्टा
| त्रिफला जल | प्रातः
| ध्यान | ३० मिनट से लेकर तीन घंटे तक
(घ) | ओ३म् या अपने इष्ट देवता पर चारक १० |
| मिनट तक । |
| हरे राम भजन तथा जप | ३० मिनट
| गर्मा में बादाम मिश्री शर्बत | प्रातः

साधक क से घ तक में किसी भी एक का अभ्यास कर सकते हैं । अथवा (क) को (ग) या (घ) से मिला सकते हैं । अथवा क, ख, ग, मिला कर अपने अधिकाधिक लाभ के लिए अभ्यास कर सकते हैं ।

जप के लिये मंत्र

ओ३म् नमो भगवते वासुदेवाय — भगवान् श्रीकृष्ण के भक्तों के लिये ।

ओ३म् नमो नारायणाय — विष्णु ।

ओ३म् नमः शिवाय — शिव ।