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बीसलदेव रासो (नरपति नाल्ह - अजमेर के चौहान विग्रहराज चतुर्थ का ऐतिहासिक काव्य)

बीसलदेव रासो (नरपति नाल्ह - अजमेर के चौहान विग्रहराज चतुर्थ का ऐतिहासिक काव्य)

Bisaldev Raso of Narapati Nalha on Ajmer Chauhans

नरपति नाल्ह द्वारा

DevanagariHindipublished315 पृष्ठ

पृष्ठ 290, कुल 315 में से

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पृष्ठ 290
  • ३८७ -
    पुराणों में गंगा के चार नाम और मिलते हैं: - १ सोता, २ अलकनन्दा,
    ३ चक्षु तथा ४ भद्रा। एक कथा के अनुसार जह्नु ऋषि ने इनके सम्पूर्ण जल
    को पान कर लिया था, और फिर कान के मार्ग से बाहर किया था, इसलिए
    इनका नाम जाह्नवी पड़ा। एक दूसरी कथा के अनुसार अगस्त्य ऋषि द्वारा
    समुद्र के जल को सोख लेने के बाद गंगा ने ही समुद्र को जल का दान किया
    था—ऋग्वेद तथा सपादलक्ष ब्राह्मण में गंगा का उल्लेख देवधुनि या देव-
    नदी के नाम से हुआ है। तैत्तिरीय आरण्यक में कहा गया है कि गंगा और
    यमुना के मध्य रहने वाले लोग विशेष आदर के पात्र हैं। हरिवंश के अनुसार
    पुरूरवा तथा उर्वशी ने मन्दाकिनी, जिनका आधुनिक नाम गंगा है, के किनारे
    ५ वर्षों तक वास किया था। मेगास्थनीज़ लिखता है कि "by the two ( the
    Ganges & the Indus) the Ganga is much the larger . It receives
    besides, the river sones and the sittokatis the solomatis which
    are also navigable, and also the Kondochates & the sambos and
    the magou & the Agoramio & the omalis moreover their fall
    into it the Karmenasas, a great river, and the Kakanthis and
    the Anomatio ( Mccrindle Ancient India P P 190—91 )
    कुडाल
    यह सावन्तवाडी के रईस का दुर्ग था। इस दुर्ग के सम्बन्ध में यह छोड़
    कर कि इसे सन् १६६१ ई० में शिवाजी ने जीत लिया था और कुछ भी इति-
    हास में उपलब्ध नहीं है।
    हिमालय
    भारतवर्ष का उत्तरी सीमान्त हिमालय अपनी उत्तुंग चोटियों के लिए केवल
    भारतवर्ष में ही नहीं वरन् सारे संसार में प्रसिद्ध है। इस पर्वत श्रेणी के लिए
    प्रयुक्त शब्द 'हिमालय' इसके नाम और अर्थ का अक्षरशः द्योतक है। हिमालय
    का अर्थ 'हिमस्य + आलयः' 'हिम का घर' या हिमानाम् + आलय 'हिम के रहने
    का घर' होता है। प्राचीन भूगोल वेत्ताओ ने इसका नाम इमौस या दियमौस और
    हैमोडास दिया है। इन नामों के द्वारा ऐसा पता चलता है कि ये नाम इस
    पर्वत श्रेणी के पूर्वी और पश्चिमी हिस्से के लोगों द्वारा दिए गए हैं। हैमोडास
    संस्कृत शब्द हिमरत् (हेमोत) से निकला है, जिसका अर्थ हिमाच्छादित होता है।
    अलेक्जेण्डर के साथ आने वाले ग्रीक निवासियों ने इसे भारतीय काकेशस के
    नाम से प्रसिद्ध किया था।