बीजगणितम् (भास्कराचार्य द्वितीय - प्राचीन भारतीय समीकरण एवं बीजगणित सूत्र सटीक)
Bijaganitam of Bhaskaracharya II with Hindi Commentary
भास्कराचार्य द्वितीय द्वारा
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संदर्भ में पढ़ेंअनेकवर्णसमीकरणम् । ८३
अतः या = ३३ (१५) ” लो = २ ” } का = ५
” या = ३६ (१६) नी = १४
एवं पारावतादीनां शतान्तर्वर्तीनि निरवयवमूल्यानि षोडशधा, ततः शतान्तर्व-
र्तिनः पक्षिणोऽपि तन्मूल्यलब्धाः षोडशधैव ।
नी १० पी ३५ रू १७५०
अथ पूर्वदर्शितकालकमानम् = का = -----------------------
७
१७५० - १० नी - ३५ पी ३ नी
= ----------------------- = २५० - ५ पी - नी - -----
७ ७
अतो नीलकमानं सप्तगुणमेव भवेदतः कल्प्यते
यदि नी = ७ तदा का = २५० - ५ पी - १० = २४० - ५ पी ।
” नी = १४ ” का = २५० - ५ पी - १४ - ६ = २३० - ५ पी ।
” नी = २१ ” का = २५० - ५ पी - २१ - ९ = २२० - ५ पी ।
” नी = २८ ” का = २५० - ५ पी - २८ - १२ = २१० - ५ पी ।
” नी = ३५ ” का = २५० - ५ पी - ३५ - १५ = २०० - ५ पी ।
” नी = ४२ ” का = २५० - ५ पी - ४२ - १८ = १९० - ५ पी ।
” नी = ४९ ” का = २५० - ५ पी - ४९ - २१ = १८० - ५ पी ।
” नी = ५६ ” का = २५० - ५ पी - ५६ - २४ = १७० - ५ पी ।
प्रथमं नी = ७ कल्पिते यदि तत्र पीतकमानं किमपि त्रिगुणितमेव तत् षट्त्रिंशत्-
पञ्चासप्ततिरेवातो
यदि पी = ३९ ” का = ४५ अतः या = ९ (१)
” पी = ४२ ” का = ३० ” या = २१ (२)
” पी = ४५ ” का = १५ ” या = ३३ (३)
यदि पी = ३९ ” नी = १४ तदा का = ३५ अतः या = १३ (४)
” पी = ४२ ” नी = १४ ” का = २० ” या = २५ (५)
” पी = ४५ ” नी = १४ ” का = ५ ” या = ३७ (६)
यदि पी = ३६ ” नी = २१ तदा का = २२० - ५ × ३६ = ४०
अतः या = १ (७)