बीजगणितम् (भास्कराचार्य द्वितीय - प्राचीन भारतीय समीकरण एवं बीजगणित सूत्र सटीक)

बीजगणितम् (भास्कराचार्य द्वितीय - प्राचीन भारतीय समीकरण एवं बीजगणित सूत्र सटीक)
Bijaganitam of Bhaskaracharya II with Hindi Commentary
भास्कराचार्य द्वितीय द्वारा
DevanagariHindipublished152 पृष्ठ
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संक्षिप्तविषयाः । १३९
०, अ, अं, अं', अं", ... ... .. (१)
१, शे, शे', शे", शे'", ... ... .. (२)
अ, क, कं, कं', कं", ... ... ... (३)
कल्प्यन्ते-(१) अस्मिन् क्रमेण राशित्रयमानम् पृथक् अ, अं, अं', तत्सम्बन्धिरा-
शित्रय (२) शे', शे", शे"' । (३) क, कं, कं', च राशित्रयम्
अत्र क, कं, कं', -त्रयवशादासन्नमूलस्यासन्नमानानि प/ल, पं/लं, पं'/लं', चेति ।
तदासन्नमानानयनविधिना
पं'/लं' = (कं' . पं + प)/(कं' . लं + ल) । अथ कं' -स्थाने यदि सावयवा वास्तवा लब्धि
√(न + अं') / शे' इयं गृह्यते तदा
(√(न + अं') / शे') . पं + प पं (√(न + अं')) + शे" प
√न = --------------------------- = -------------------------
(√(न + अं') /