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सर्वकोश
भुशुण्डि रामायण (काकभुशुण्डि एवं गरुड़ संवाद - पूर्वखण्ड सविस्तार व्याख्या)

भुशुण्डि रामायण (काकभुशुण्डि एवं गरुड़ संवाद - पूर्वखण्ड सविस्तार व्याख्या)

Bhusundi Ramayana: Purva Khanda with Commentary

महर्षि भुशुण्डि (सम्पादक: डॉ. भगवतीप्रसाद सिंह) द्वारा

DevanagariHindipublished423 पृष्ठ

पृष्ठ 80, कुल 423 में से

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पृष्ठ 80

's in the text:
ये (1) षॉ (2) प्र (3) मो (4) द (5) व (6) न (7) वी (8) थि (9) षु (10)
का (11) क (12) को (13) ल (14) - 14 syllables!
Wait! "येषां प्रमोदवनवीथिषु काककोलाः" is 14 syllables!
Then:
फे (15) र्वा (16) द्य (17) यः (18) क (19) व (20) ल (21) य (22) न्ति (23) व (24) पुः (25) क (26) दा (27) चित् (28) = 14 syllables!!
Wait! "फेर्वाद्ययः" or "फेर्वादयः"?
Look at the text:
फे - र्वा - द - यः is 4 syllables: फे-र्वा-द-यः (4) + कवलयन्ति (5) + वपुः (2) + कदाचित् (3) = 14 syllables!!
Wait:
फेर् ( _ ) वा ( _ ) द ( . ) यः ( _ ) = _ _ . _
क-व-ल-य-न्ति = . . . _ .
व-पुः क-दा-चित् = . _ . _ _