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सर्वकोश
भुशुण्डि रामायण (काकभुशुण्डि एवं गरुड़ संवाद - पूर्वखण्ड सविस्तार व्याख्या)

भुशुण्डि रामायण (काकभुशुण्डि एवं गरुड़ संवाद - पूर्वखण्ड सविस्तार व्याख्या)

Bhusundi Ramayana: Purva Khanda with Commentary

महर्षि भुशुण्डि (सम्पादक: डॉ. भगवतीप्रसाद सिंह) द्वारा

DevanagariHindipublished423 पृष्ठ

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अनेकवापिकावारिफुल्लेन्दीवरपङ्कजम् ।
गुञ्जद्भ्रमरसंदोहसम्बद्धकुसुमाकरम् ॥ १० ॥
अनेकवाटिकावृन्दविकासिबहुभूरुहम् ।
अनेकलक्ष्मीप्रसरं गायत्किन्नरसुन्दरम् ॥ ११ ॥
गन्धर्वललनागीतगम्भीरध्वनिमञ्जुलम् ।
चलत्कुरङ्गनयनामञ्जीरध्वनिनादितम् ॥ १२ ॥
नर्तकीनृत्यवलितं विलासशतसंकुलम् ।
ऊर्मिलाभोगललितं कोकिलाकुलनादितम् ॥ १३ ॥
विचित्रचित्ररचनारमणीयकसंयुतम् ।
त्रैलोक्यलक्ष्मीशोभाढ्यं बहुसम्पद्विराजितम् ॥ १४ ॥
सारिकावदनोत्थेन रामनाम्ना निनादितम् ।
स्थले स्थले कणद्वीणासम्बद्धरामनामकम् ॥ १५ ॥
रत्नप्रासादकिरणप्रकाशितदिगन्तरम् ।
मणिकुट्टिमसंक्रान्तलक्ष्मणप्रतिमाकुलम् ॥ १६ ॥
नित्यंवसन्तसदनं नित्यवर्षासु