भुशुण्डि रामायण (काकभुशुण्डि एवं गरुड़ संवाद - पूर्वखण्ड सविस्तार व्याख्या)

भुशुण्डि रामायण (काकभुशुण्डि एवं गरुड़ संवाद - पूर्वखण्ड सविस्तार व्याख्या)
Bhusundi Ramayana: Purva Khanda with Commentary
महर्षि भुशुण्डि (सम्पादक: डॉ. भगवतीप्रसाद सिंह) द्वारा
DevanagariHindipublished423 पृष्ठ
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रामलीलानित्यरसास्वादैकपरवाञ्छकः ॥ १४ ॥
Line 27:
रामलीलागुणाख्यातिं नामसप्रेममानसः ।
Wait, let's check गुणाख्यातिं:
ग + ु + ण + ा + ख + ् + य + ा + त + ि + ं = गुणाख्यातिं.
And नामसप्रेममानसः:
न + ा + म + स + प + ् + र + े + म + म + ा + न + स + ः.
Line 28:
राम धाम च पूर्वोक्तं निर्गुणं ब्रह्म वै विदन् ॥ १५ ॥
Line 29:
रामलीलालोकरूपाद्यखिलं तन्मयं विदन् ।
Wait, let's check:
र + ा + म + ल + ी + ल + ा + ल + ो + क + र + ू + प + ा + द + ् + य + ख + ि + ल + ं
= `