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सर्वकोश
भृगु संहिता (महर्षि भृगु - फलित सर्वाङ्ग दर्शन, कुण्डली-फल एवं कर्मविपाक सटीक)

भृगु संहिता (महर्षि भृगु - फलित सर्वाङ्ग दर्शन, कुण्डली-फल एवं कर्मविपाक सटीक)

Bhrigu Samhita Phalita Sarvanga Darshana with Commentary

महर्षि भृगु (सम्पादक: पं. नन्दलाल शास्त्री / खेमराज श्रीकृष्णदास) द्वारा

DevanagariHindipublished638 पृष्ठ

पृष्ठ 87, कुल 638 में से

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'मेष' लग्न की कुण्डली के 'पंचमभाव' स्थित 'चन्द्रमा' का फलादेश
पाँचवें भाव में अपने मित्र सूर्य की राशि पर स्थित चन्द्रमा के प्रभाव से जातक
बड़ा विद्वान्, बुद्धिमान एवं सन्ततिवान होता है।
मेष लग्न : पंचमभाव : चन्द्र
सातवीं दृष्टि से अपने शत्रु शनि की राशि
वाले ग्यारहवें भाव को देखने के कारण उसे आय के
साधनों में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है,
परन्तु उन्हें वह अपने धैर्य एवं शांत स्वभाव से सहन
कर लेता है। कुल मिला कर ऐसी ग्रह स्थिति का
व्यक्ति धीर, गंभीर, शांत, योग्य, विद्वान्, सन्तोषी,
माता से सुखी, भू-सम्पत्ति का स्वामी, परन्तु व्यव-
साय एवं लाभ के क्षेत्र में कठिनाइयां उठाने वाला
होता है।
१३२
'मेष' लग्न की कुण्डली के 'षष्ठभाव' स्थित 'चन्द्रमा' का फलादेश
छठे भाव में अपने मित्र बुध की राशि पर स्थित चन्द्रमा के प्रभाव से जातक
शत्रुपक्ष में शांति का अनुभव करता है तथा विपत्तियों पर अपने धैर्य एवं विनम्रता
मेष लग्न : षष्ठभाव : चन्द्र के बल पर विजय प्राप्त करता है। उसके घरेलू वाता-
वरण में भी अशांति एवं कमियां बनी रहती हैं।
सातवीं दृष्टि से अपने मित्र गुरु की राशि
वाले बारहवें भाव को देखने के कारण जातक शुभ
कार्यों में व्यय करता है तथा बाहरी स्थानों में लाभ
एवं सुख भी प्राप्त करता है। कुल मिला कर ऐसी
ग्रह स्थिति वाला जातक विनम्र, धैर्यवान, शुभकर्म
करने वाला तथा घरेलू जीवन में त्रुटियों का शिकार
बना रहने वाला होता है।
१३३
'मेष' लग्न की कुण्डली के 'सप्तमभाव' स्थित 'चन्द्रमा' का फलादेश
सातवें भाव में अपने सामान्य मित्र शुक्र की राशि पर स्थित चन्द्रमा के
प्रभाव से जातक स्त्री-सुख एवं भोग-विलास को प्राप्त करने वाला, सुन्दर, एवं भूमि
तथा सम्पत्ति का सुख पाने वाला होता है।
मेष लग्न : सप्तमभाव : चन्द्र
सातवीं दृष्टि से अपने मित्र मंगल की
राशि वाले पहले भाव को देखने के कारण जातक
शारीरिक, सौन्दर्य, सम्मान, मनोरंजन, सुख आदि
को प्राप्त करता है। कुल मिला कर ऐसी ग्रह
स्थित वाला जातक सुन्दर, विलासी, यशस्वी तथा
व्यावसायिक एवं सुख के क्षेत्र में सफलता पाने
वाला होता है।