सामग्री पर जाएँ
सर्वकोश
भोजनकुतूहल: प्रथम भाग (रघुनाथ नवहस्त - आहार-रसायन, पाकशाला-व्यवस्था व विरुद्धाहार)

भोजनकुतूहल: प्रथम भाग (रघुनाथ नवहस्त - आहार-रसायन, पाकशाला-व्यवस्था व विरुद्धाहार)

Bhojanakutuhala of Raghunatha Navahasta

रघुनाथ नवहस्त (सम्पादक: सूरनाड कुंजन पिल्लै) द्वारा

DevanagariSanskritpublished358 पृष्ठ

पृष्ठ 272, कुल 358 में से

संदर्भ में पढ़ें
पृष्ठ 272

28
श्लोका• | पृष्ठम् | श्लोका• | पृष्ठम्
नादेयमम्बुपानात् | 132 | निरामयानां | 151
नांद्यं नंबन्मृन्मयेषु | 186 | निर्गुण्डिपुष्पं | 107
नानाद्रव्य | 168 | निर्दोषं वात | 171
नानाद्रव्यात्मकं | 167 | निर्मलं निर्विषं | 178
नानापुष्पफल | 141 | निर्माय भोजन | 229
,, रसा | 165 | निर्वयकरणे | 28
नान्धकारे न | 223 | निशंशुक्वात्ययात् | 223
नारंगं दाडिमं | 141 | निश्चल्का निन्दिता | 174
नारंगं मधुरं | 95 | निश्शूको दीर्घ | 8
नारिकेरं तनुकृत्य | 30 | निषेवेत हितं | 199
नारिकेरं सकर्पूरं | 43 | निषेव्यमाणं • | 200
नारिकेरफलं | 204 | निष्कामस्यापि | 132
नारिकेरसलिकं | 187 | निष्पावा वात | 15
नारिकेरस्य | ,, | निष्पावा द्वौ | 81
नारिकेराम्बु | . 188 | निस्तुषैर्मुद्ग | 38
नारिकेरोदकं | 187 | निस्तुषैश्चणकैः | 23
नारिकेरोद्भवं | 154 | निस्तुषो मुद्ग | 31
नारिकेरोद्भवा | 30 | निस्तुषो मुद्गं | ,,
नारिकेली गुरुः | 90 | निस्स्नेहं दीर्घपत्रं | 120
नारीकेरफलेऽथ | 203 | निस्सारो वातलो | 9
नित्याचारपवित्र | 222 | निहन्ति कटुकं | 137
निन्दिताः फलं | 89 | निहन्ति पित्तं | 89
निद्रालस्यकरी | 67 | निहन्ति पित्त | 151
निद्रालस्यनिवारणं | 176 | निहन्ति सद्यो हि | 208
निद्रासात्म्योऽथवा | 226 | निहन्ति हस्तिनी | 150
निपालेऽपि च | 118 | निहन्त्याध्मातं | 113
निपुणो भर्जयेत् | 47 | निहन्याद्विश्वजं | 106
निमज्जेषा | 101 | नीला राजी | 196
निम्बतैलं तु | 153 | नीलाङ्गुर्मधुरः | 62
निम्बुफलं | 95 | नीहारे सरचीतटाग | 186
निम्बूफलं | 122 | नूतनं घटमादाय | 47
निम्बूफलेन | 206 | नैकश्यं पयसा | 155
निम्बूरसं | 41 | नैर्झरं रुचिकृत् | 184