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सर्वकोश
भोजनकुतूहल: प्रथम भाग (रघुनाथ नवहस्त - आहार-रसायन, पाकशाला-व्यवस्था व विरुद्धाहार)

भोजनकुतूहल: प्रथम भाग (रघुनाथ नवहस्त - आहार-रसायन, पाकशाला-व्यवस्था व विरुद्धाहार)

Bhojanakutuhala of Raghunatha Navahasta

रघुनाथ नवहस्त (सम्पादक: सूरनाड कुंजन पिल्लै) द्वारा

DevanagariSanskritpublished358 पृष्ठ

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पृष्ठ 264

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श्लोकाः | पृष्ठम् | श्लोकाः | पृष्ठम्
जातीपत्री कटुः 120 | त एवं लवणो 25
जातीफलं ,, | तक्रं ग्राहि 202
220 | तक्रं तलवणो 144
जाम्बीरं स्वादु 111 | तक्रं त्वचाविप्रभाव ,,
108 | तक्रं देयं न क्षते 145
(जीरा ? जरा) मिरा 208 | तक्रं पिष्टमरीचं 37
जीरकं कटुकं 115 | तक्रं लघु 146
जीरकं पचति 204 | तक्रं रुचिकरं 123
जीरकस्योष्णिका 36 | तक्रं लवणहीनं 144
जीर्णं तु सर्वं 169 | तक्रपिण्ड 127
जीर्णज्वरं मूत्र 126 | तक्रीमांसं तु 52
जीर्णज्वरे कफे 128 | तक्रीमांसं कफं 144
जीर्णज्वरे मनो 125 | ,, 202
जीर्णज्वरे शैथिल्य 191 | तक्रस्योपरि 146
जीवनं बृंहणं 125 | तच्चूर्णं बेसनं 42
जीवनीयमपि 200 | तच्चेत् काम्ब्यावर्तितं 129
जीवन्ती चेतकी 100 | तज्जातं मधु 165
जीवन्तीफलं 99 | तज्जातं मधुरं 136
जीवन्ती मधुरा 70 | तडागजाः प्रावृषि 175
जुगुप्सितां रुजां 225 | तडागवापिशङ्ख ,,
ज्वरदाहकरः 16 | तण्डुलत्रिगुणं 28
ज्वरनेत्र 115 | तण्डुलद्विगुणे 28
ज्वरातिसार 32 | तण्डुलस्य त्रिभागेन 29
ज्वरे च ग्रहने 151 | तण्डुलांश्चापि 52
झाडव्यो बाङ्गलो 179 | ,, 27
ज्ञेयः शष्को 173 | तण्डुला शालि ,,
ज्ञेया च कफकृत् 63 | तण्डुलार्थे मुद्ग 28
झररिक्करी 68 | तण्डुलाश्च लवङ्गानि 51
झरसी मूत्रदोष ,, | तण्डुलीयकदलं 69
झर्झरी कफ 36 | ततः किञ्चिन्न्यूनं 149
झाकिर्हरति 124 | ततः किञ्चिल्लघुः 44
टङ्कारी शीतला 78 | ततः क्रमात् 6
डिण्डिशो रुचिकृत् 79 | ततश्चुरिकया तां 44
ततः परं भोजनं 224