भारत में अंग्रेजी राज (पण्डित सुन्दरलाल - ब्रिटिश औपनिवेशिक लूट व षड्यन्त्रों का प्रामाणिक इतिहास)
Bharat Mein Angreji Raj by Pandit Sunderlal
पण्डित सुन्दरलाल (प्रस्तावना: महात्मा गाँधी) द्वारा
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पर परास्त कर भारत से हुण जाति की हुकूमत को मिटा दिया । इसके बाद
राज्यवर्धन ने शेष उत्तर भारत से हुण जाति के रहे सहे प्रभाव का भी अन्त
कर दिया ।
अब हम उन सब हमलों को एक एक कर बयान कर चुके हैं जो मुसल-
मानों के हमले से पहले भारत पर हुए थे । हमने यह सारा बयान यूरोपियन
इतिहास लेखकों की किताबों से ही किया है। इससे पूरी तरह अनुमान
किया जा सकता है कि भारत पर उस समय तक कितने और किस तरह के
हमले हुए । भारत ने कहाँ तक कामयाबी के साथ उनका मुक़ाबला किया,
उन हमलों से भारत को कहाँ तक हानि या लाभ हुआ, और इन सब
हमलों में और भारत पर अंगरेज़ों के हमले में कितना ज़बरदस्त अन्तर था ।
अन्य देशों पर हमले
सच यह है कि कम या ज़्यादा बाहर से हमलों का होना हर मुल्क के
इतिहास में एक मामूली बात है । फिर भी भारत पर कभी भी इतने ज़्यादा
हमले नहीं हो पाए जितने बाक़ी संसार के ज़्यादातर देशों और ख़ास कर
यूरोप के क़रीब क़रीब हर देश पर । इसके सबूत में अब हम यूरोप के
विविध देशों पर बाहर के हमलों और उनके नतीजों का सार वृत्तान्त
यूरोपियन लेखकों ही के आधार पर देते हैं, जिससे यह भी मालूम हो
जायगा कि भारत में कभी इस तरह के हमलों की वजह से उस बरबादी का
हज़ारवां हिस्सा भी देखने में नहीं आया, जो बरबादी कि इस तरह के हमलों
के सबब से तमाम यूरोप में एक हज़ार साल से ऊपर तक फैली रही ।
यूरोप पर एशियाई जातियों के हमले
अनेक यूरोपियन इतिहास लेखक स्वीकार करते हैं कि यूरोप के ऊपर