भारत में अंग्रेजी राज (पण्डित सुन्दरलाल - ब्रिटिश औपनिवेशिक लूट व षड्यन्त्रों का प्रामाणिक इतिहास)

भारत में अंग्रेजी राज (पण्डित सुन्दरलाल - ब्रिटिश औपनिवेशिक लूट व षड्यन्त्रों का प्रामाणिक इतिहास)
Bharat Mein Angreji Raj by Pandit Sunderlal
पण्डित सुन्दरलाल (प्रस्तावना: महात्मा गाँधी) द्वारा
DevanagariHindipublished727 पृष्ठ
पृष्ठ 644, कुल 727 में से
संदर्भ में पढ़ेंपृष्ठ 644
ग्यारहवाँ अध्याय
लॉर्ड कॉर्नवालिस
[ १७८६-१७९३ ]
सर जॉन मैकफ़रसन केवल अस्थायी गवरनर जनरल था।
उसके बाद कम्पनी के डाइरेक्टरों और
[गवरनर जनरल के नए अधिकार] इंगलिस्तान के मन्त्रियों ने मिल कर लॉर्ड
कॉर्नवालिस को अपने भारतीय इलाक़ों का
स्थायी गवरनर जनरल नियुक्त करके भेजा।
कम्पनी के सन् १७७३ के चार्टर ऐक्ट के अनुसार वारन
हेस्टिंग्स ब्रिटिश भारत का पहला गवरनर जनरल नियुक्त हुआ
था। उसी क़ानून के अनुसार कलकत्ते में गवरनर जनरल की मदद
के लिए चार और अंगरेज़ों की एक कौन्सिल होती थी, जिसका
प्रधान खुद गवरनर जनरल होता था। कौन्सिल में जो बात कसरत
२४