भारत में अंग्रेजी राज (पण्डित सुन्दरलाल - ब्रिटिश औपनिवेशिक लूट व षड्यन्त्रों का प्रामाणिक इतिहास)

भारत में अंग्रेजी राज (पण्डित सुन्दरलाल - ब्रिटिश औपनिवेशिक लूट व षड्यन्त्रों का प्रामाणिक इतिहास)
Bharat Mein Angreji Raj by Pandit Sunderlal
पण्डित सुन्दरलाल (प्रस्तावना: महात्मा गाँधी) द्वारा
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भारत में अंगरेज़ी राज
पहला अध्याय
भारत में यूरोपियन जातियों का प्रवेश
अत्यन्त प्राचीन काल से भारतवर्ष मानव जाति की सभ्यता
[हाशिया: चार सौ साल पहले] और उसकी उन्नति का एक विशेष स्रोत रहा है
[हाशिया: भारत और यूरोप] और पृथ्वी की विविध जातियों के विकास में एक
[हाशिया: का सम्बन्ध] महत्वपूर्ण भाग लेता रहा है। आज से दो तीन
सौ साल पहले तक यह देश हर तरह स्वाधीन
था, और ज्ञान, विज्ञान, विद्या-प्रचार, कला-कौशल, शासन-प्रधान
इत्यादि में संसार के समस्त देशों का शिरोमणि था। उस समय
यूरोप का कोई देश सभ्यता के किसी अङ्ग में भी भारत की बराबरी
न कर सकता था। धनधान्य की दृष्टि से भारतवर्ष उस समय