भक्ति सागर ग्रन्थ: सन्त चरनदास (अष्टांग योग, धर्म-संवाद एवं सम्पूर्ण भक्ति रस महाकोश)
Bhakti Sagar Granth of Swami Charandas
सन्त चरनदास जी महाराज द्वारा
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संदर्भ में पढ़ेंश्रीस्वामी चरणदासजी रचित भक्तिसागर का
✤ सूचीपत्र ✤
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प्रस्तावना १ २ मूर्च्छा कुम्भक ७९ ७९
सूचनां दोहावली ३ ४ केवल कुम्भक ७९ ८०
भक्तिसागर का माहात्म्य ५ ८ प्रत्याहारवर्णन ८० ८१
श्रीमत्स्यामचरणदासाचार्य- धारणाअंगवर्णन ८१ ८३
चरितामृत ९ ११ सातवाँअंगवर्णन ... ८३ —
वृन्दावनगमनवर्णन ११ २२ पदस्थ ध्यान ८४ ८४
श्रीमत्स्यामचरणदासाचार्य- पिंडस्थ ध्यान ८४ ८४
महिमा ॰ २२ २४ रूपस्थ ध्यान ८५ ८५
मङ्गलाचरणम् ॰ १ १ रूपातीत ध्यान ८५ ८६
ब्रजचरितवर्णन २ १४ समाधिअंगवर्णन — ८६ ८८
अमरलोकअखण्डधामवर्णन १५ २४ भक्तिसमाधि - ... ८८ ८८
धर्मजहाजवर्णन —— २५ ५३ योगसमाधि —— ८९ ८९
अष्टाङ्गयोगवर्णन ज्ञानसमाधि —— ८९ ८९
गुरुशिष्यसंवाद —— ५३ ५६ छहौकर्महठयोगवर्णन ८६ —
यमअंगवर्णन ५६ ५९ नेतीकर्म ॰ ९० ९०
नियमअंगवर्णन —— ५९ ६१ धोतीकर्म ९० ९०
आसनवर्णन ॰ ६१ ६२ वस्तीकर्म ९१ ९१
पद्मासनवर्णन ॰ ६२ ६२ गजकर्म ९१ ९१
सिद्धासनवर्णन ॰ ६२ ६२ न्योलीकर्म ९१ ९१
प्राणायामअंगवर्णन ६२ ६३ त्राटककर्म ९१ ९२
चक्रवर्णन ६४ ७२ खेचरी मुद्रा ९२ ९४
अष्टप्रकार के कुम्भक ७२ — भूचरी मुद्रा ९४ ९५
सूर्यभेदन कुम्भक —— ७३ ७४ चांचरी मुद्रा ९५ ९५
ऊजाई कुम्भक ७४ ७४ अगोचरी मुद्रा .. ९५ ९५
शीतकार कुम्भक — ७४ ७४ उनमनी मुद्रा ... ९५ ९६
शीतली कुम्भक — ७४ ७५ महाबन्धनसाधनविधि .. ९६ ९६
भस्त्रिका कुम्भक ॰॰ ७५ ७८ मूलबन्ध .. ९७ ९७
भ्रामरी कुम्भक ७८ ७८ जलन्धरबन्ध .. ९७ ९८