भक्ति सागर ग्रन्थ: सन्त चरनदास (अष्टांग योग, धर्म-संवाद एवं सम्पूर्ण भक्ति रस महाकोश)

भक्ति सागर ग्रन्थ: सन्त चरनदास (अष्टांग योग, धर्म-संवाद एवं सम्पूर्ण भक्ति रस महाकोश)
Bhakti Sagar Granth of Swami Charandas
सन्त चरनदास जी महाराज द्वारा
DevanagariHindipublished690 पृष्ठ
पृष्ठ 2, कुल 690 में से
संदर्भ में पढ़ेंपृष्ठ 2
ॐ
श्रीयुग्मनिकुंजविहारिणे नम
श्रीस्वामी चरणदासजी रचित
श्रीभक्तिसागर ग्रन्थ
परिशिष्ट भाग सहित
अर्थात्
सर्व वाणा का समुच्चय जो कि आज तक भारतवर्ष के
किसी यंत्रालय मे भी नही छपा है
जिसको
श्रीमान् सर्व गुण निधान श्रीमत शुकसम्प्रदाय सेवक प्रधान पंडित
शिवदयालु गौड़ हरि सम्बंधी नाम सरसमाधुरीशरण
जयपुर निवासी ने शुद्ध किया
पंचम बार
लखनऊ
मेनेजर राजा रामकुमार प्रेस द्वारा मुद्रित और प्रकाशित
सन् १९५१ ई०