भगत सिंह और उनके साथियों के संपूर्ण उपलब्ध दस्तावेज (प्रो. चमनलाल - प्रामाणिक ऐतिहासिक संकलन)
Complete Available Documents of Bhagat Singh & Associates
शहीद-ए-आजम भगत सिंह (सम्पादक: प्रो. चमनलाल) द्वारा
पृष्ठ 751, कुल 788 में से
संदर्भ में पढ़ेंपीछे नहीं रहना चाहता था। खैर! विवाह हुआ, खूब आनन्दोत्सव रहा, दावतें उड़ीं।
लड़के-लड़कियों ने नाच किये। गाना हुआ और फिर ‘हनीमून’ (सुहागरात) के
लिए मैं डोनोहिल चला गया। प्रत्येक मित्र के यहाँ खूब स्वागत हुआ। वह
विवाह-वह ‘हनीमून’ रह-रह कर याद आता है! ओह! कितना आनन्द था! क्या
वह फिर कभी नहीं होगा। वह समय कितना सुन्दर, कितना आनन्दमय और कितना
महिमामय जान पड़ता है।
तेरहवाँ परिच्छेद
सिविल वार और मेरा सीनियर
रिपब्लिकन डिप्टी का चुनाव
जून 1921 के आरम्भ में एकाएक यह समाचार सुनकर कि अंग्रेजों से सन्धि की
जाने वाली है, हमें बड़ा आश्चर्य हुआ। जुलाई से उसके अनुसार कार्य भी शुरू हो
जायेगा, यह सुनकर तो हम एकदम चकित हो उठे। जो लोग हमें सदैव कोसते रहते
थे, जिन्होंने कभी भी हमारा उत्तरदायित्व अपने ऊपर नहीं लिया था; वे आज हमारे
प्रतिनिधि बनकर सन्धि की बातचीत करेंगे – कितने आश्चर्य की बात है? हम
खुश भी हुए क्योंकि हमारा गोला बारूद ख़त्म हो चुका था और कुछ व्यक्ति विदेशों
में इसका प्रबन्ध करने के लिए भेजे जा चुके थे।
सन्धि के अनुसार कार्य शुरू हो गया। युद्ध रुक गया। हम लोग नगरों में घुसे;
परन्तु अब की ज़रा शान के साथ! खूब स्वागत हुआ। बड़े हर्ष और चाव से हमारी
अभ्यर्थना की गयी। दो वर्ष पहले जो हमारी निन्दा करते थे, हमें घृणित समझते थे,
वे ही आज सबसे बढ़-चढ़कर हर्षोल्लास कर रहे थे। खैर, इसके बाद कुछ दिन
तक तो घुड़दौड़ादि में भाग्य निरीक्षण कर गुज़ारा करते रहे, क्योंकि अभी तक
अवैतनिक रूप से ही कार्य करते थे। फिर उत्तर की ओर जाना पड़ा। विचार था
कि युद्ध फिर शीघ्र ही शुरू होगा। परन्तु अब की ऐसा विचार हुआ कि दक्षिण का
भार कुछ हलका करने के लिए उत्तर में युवकों को शिक्षित किया जाये। इसीलिए
परेड, रिवाल्वर, बम आदि की शिक्षा देने की गरज से उधर जा निकला। सितम्बर
में वापिस डबलिन पहुँचा। यहाँ खूब स्वागत हुआ।
अभी सन्धि की अन्तिम बातचीत चल ही रही थी, अतः हमने ज़रूरी समझा
कि हमारे सैनिकों को अपने कार्य के लिए सदा तत्पर रहना चाहिए। उनकी तत्परता,
उत्सुकता तथा अधीरता देखकर आयरिश पार्लियामेण्ट के ये सदस्य स्वेच्छा सेवकों
आयरिश स्वतन्त्रता-संग्राम / 745