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भगत सिंह और उनके साथियों के संपूर्ण उपलब्ध दस्तावेज (प्रो. चमनलाल - प्रामाणिक ऐतिहासिक संकलन)

भगत सिंह और उनके साथियों के संपूर्ण उपलब्ध दस्तावेज (प्रो. चमनलाल - प्रामाणिक ऐतिहासिक संकलन)

Complete Available Documents of Bhagat Singh & Associates

शहीद-ए-आजम भगत सिंह (सम्पादक: प्रो. चमनलाल) द्वारा

DevanagariHindipublished788 पृष्ठ

पृष्ठ 435, कुल 788 में से

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पृष्ठ 435

क्रान्तिकारी दोस्तों के नाम
सुखदेव का पत्र
प्यारे साथियो!
दो साल का समय हो चुका है जबकि पहले-पहल Long Live Revolution
का आरम्भ हुआ था। यह छोटी-सी आवाज़ आज एक भारी और भयानक रूप
धारण कर चुकी है। हमारे देश का बच्चा-बच्चा इन्क़लाब-ज़िन्दाबाद चिल्ला रहा
है।
किन्तु क्या यही काफ़ी है? क्या अब हमारे लिए कोई कार्य बाक़ी नहीं रहा?
नहीं। कार्य का आरम्भ तो अभी होना चाहिए। नहीं तो यह इन्क़लाब-ज़िन्दाबाद भी
गाँधी के ‘स्वराज्य’ की भाँति एक बेमानी चीज़ हो जायेगा, जिसे थोड़े समय बाद
जनता घृणा और नफ़रत की दृष्टि से देखेगी। काफ़ी देर तक हमने पब्लिक के
sentiments को उभारा है। अब समय आ गया है कि हम public को इसका अर्थ
समझाएँ। हम उनके आगे रखें कि Revolution क्या है। उसका masses के साथ
क्या सम्बन्ध है। उसकी क्या आवश्यकता है। और वह क्योंकर Successful की
जा सकती है।
याद रखो इन प्रश्नों को छुपाकर रखना हितकर नहीं होगा। मैं देख रहा हूँ –
लोगों के दिलों में ये प्रश्न उठ रहे हैं। यदि इन प्रश्नों का उत्तर न दिया गया, यदि
गाँधी की तरह इनको vague रखा गया तो सब गुड़गोबर हो जायेगा। आज तक की
सब मेहनत व्यर्थ हो जायेगी। परन्तु इसके साथ ही एक introductory काम और
भी है। यदि तुम्हारी यह धारणा है कि Long Live Revolution कह लेने से तुम
Revolutionary हो गये हो तो यह तुम्हारी भूल है। तुम लोगों में कोई ही होगा जो
वास्तव में Revolutionary कहलाने के योग्य होगा। लेकिन यह कोई शरम की बात
नहीं। अपने इस अभाव को हमें मानना चाहिए और इसे मानकर इसकी पूर्ति करनी
चाहिए। अपनी और सभी साथियों की revolutionary education के प्रबन्ध करने
चाहिए। उसके लिए कार्य आरम्भ करने चाहिए।
जेल की सलाख़ों के पीछे से / 429