भगत सिंह और उनके साथियों के संपूर्ण उपलब्ध दस्तावेज (प्रो. चमनलाल - प्रामाणिक ऐतिहासिक संकलन)
Complete Available Documents of Bhagat Singh & Associates
शहीद-ए-आजम भगत सिंह (सम्पादक: प्रो. चमनलाल) द्वारा
पृष्ठ 416, कुल 788 में से
संदर्भ में पढ़ेंबचपन के दोस्त जयदेव को
भगतसिंह का पत्र
सेण्ट्रल जेल, लाहौर
3 जून, 1930
मेरे प्रिय जयदेव,
'विक्ट्री' जूते और 'किंक' दवात भेजने के लिए मेरी ओर से धन्यवाद
स्वीकारो! आपके शब्दानुसार जैसाकि कुलबीर ने कहा है, मैं यह ख़त कुछ अन्य
चीज़ें मँगवाने के लिए लिख रहा हूँ।
आपका बहुत धन्यवाद होगा अगर आप एक दूसरा जोड़ा कपड़े के जूते श्री
दत्त के लिए भेज सको। लेकिन दुकानदार से उन्हें पूरा न आने की स्थिति में वापसी
की शर्त से लें। मैं इस बारे में अपने पहले ख़त में ही लिख सकता था, लेकिन
उस समय श्री दत्त अच्छे मूड में नहीं थे। मगर मेरे लिए यह बहुत कठिन बात है
कि मैं अकेला ही इन जूतों को पहनूँ। मैं उम्मीद करता हूँ कि अगली मुलाक़ात
के समय जूतों का एक और जोड़ा यहाँ पड़ा होगा।
कृपया 34 नम्बर छाती की सफ़ेद शेक्सपीयर कालर वाली आधी आस्तीन
वाली खेल शर्ट भेजना। यह भी श्री दत्त के लिए चाहिए। यह न सोचना कि जेल
में होते हुए भी हमने अपना रहन-सहन का ख़र्चीला ढंग नहीं त्यागा। क्योंकि यह
फिर भी आवश्यक ज़रूरतें हैं, विलासिताएँ नहीं। किसी मुलायम कपड़े के बने हुए
दो लँगोट नहाने और वर्जिश करने के लिए भेज दो। और कपड़े धोने के लिए साबुन
की कुछ टिक्की भेज देना। साथ ही थोड़े बादाम और एक स्वान इंक की दवात
भी भेज देना। सरदार जी का क्या हाल है? क्या वे लुधियाना से आ गये हैं?
आजकल कचहरी बन्द रहेगी। मुक़दमा नहीं चल रहा होगा। यदि वे आज अभी तक
वापस नहीं आये तो उनको लाने के लिए किसी को भेज देना। फिर उनके और
मेरे मुक़दमों का फ़ैसला होने वाला है। कहा नहीं जा सकता कि हमें आपस में
मुलाक़ात का भी मौक़ा मिलेगा अथवा नहीं, इसलिए आप उन्हें फ़ौरन बुला लें
ताकि वे इस हफ़्ते के भीतर मुझसे दो मुलाक़ातें कर सकें और अगर यदि वे जल्द
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