सामग्री पर जाएँ
सर्वकोश
बौधायन शुल्बसूत्रम् (आचार्य बौधायन - प्राचीन वैदिक रेखागणित, ज्यामिति एवं वेदी-निर्माण सटीक)

बौधायन शुल्बसूत्रम् (आचार्य बौधायन - प्राचीन वैदिक रेखागणित, ज्यामिति एवं वेदी-निर्माण सटीक)

Baudhayana Shulbasutram with Commentary by Vibhutibhushan Bhattacharya

आचार्य बौधायन (सम्पादक: विभूतिभूषण भट्टाचार्य) द्वारा

DevanagariHindipublished366 पृष्ठ

पृष्ठ 311, कुल 366 में से

संदर्भ में पढ़ें
पृष्ठ 311

वक्रपक्षव्यस्तपुच्छश्येनचित् ।
१म प्रकार
२य, ४र्थ प्रस्तारौ
इष्टकाः
आत्मशिरसोः १८
पक्षयोः १५०
पुच्छे ३२
योगः २००
इष्टकासंख्याः
चतुर्थ्यः ८५
अर्ध्याः ७०
पाद्याः २७
हंसमुख्याः १८
योगः २००
चित्र ४६ (सू० ३।४२-४५) वक्रपक्षव्यस्तपुच्छश्येनचित् (पक्षपुच्छश्येनः) १म प्रकारे २य ४र्थ प्रस्तारौ ।