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सर्वकोश
बौधायन श्रौतसूत्रम् (कृष्ण यजुर्वेद तैत्तिरीय शाखा - सम्पूर्ण प्रश्न एवं श्रौत-याग कल्प सटीक)

बौधायन श्रौतसूत्रम् (कृष्ण यजुर्वेद तैत्तिरीय शाखा - सम्पूर्ण प्रश्न एवं श्रौत-याग कल्प सटीक)

Baudhayana Shrautasutra of Taittiriya Samhita with Commentary

आचार्य बौधायन (सम्पादक: डब्ल्यू. कालन्द) द्वारा

DevanagariHindipublished774 पृष्ठ

पृष्ठ 187, कुल 774 में से

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पृष्ठ 187

->स उपकल्पयते`.

Line 8:
चन्द्रं च छागां च कृष्णवलक्षावूर्णास्तुके २ उष्णीषं द्वे वाससी
Wait, footnote 2: २ This seems to be also the reading... कृष्णवलक्ष्या ऊर्णास्तुके.
Yes, २ is after कृष्णवलक्षावूर्णास्तुके!

Line 9:
द्वे कृष्णाजिने सोमक्रयणी शेषाऽरुणा पिङ्गैलैकहायनी भवति
Wait! Look at सोमक्रयणी:
After सोमक्रयणी, what is that symbol?
Look at line 9: सोमक्रयणी then ऽ? Or र्?
Wait! Look at the glyph between सोमक्रयणी and शेषा:
It looks like र् or ऽ?
Wait, look at line 12: स्थालौ then षडूरणोमं५शुग्रहण then हिरण्य-
Wait, what is that symbol after सोमक्रयणी, after स्थालौ, after मं५शुग्रहण, after मौदुम्बरी?
LOOK AT THOSE CAREFULLY!
Line 9: सोमक्रयणीऽ or सोमक्रयणीर्?
Wait, line 12: स्थालौ᳭? No!
Wait! Look