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सर्वकोश
बन्दी जीवन (शचीन्द्रनाथ सान्याल - भारतीय क्रान्तिकारियों की गीता, ब्रिटिश सरकार द्वारा प्रतिबन्धित)

बन्दी जीवन (शचीन्द्रनाथ सान्याल - भारतीय क्रान्तिकारियों की गीता, ब्रिटिश सरकार द्वारा प्रतिबन्धित)

Bandi Jeevan by Sachindra Nath Sanyal

शचीन्द्रनाथ सान्याल द्वारा

DevanagariHindipublished408 पृष्ठ

पृष्ठ 38, कुल 408 में से

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पृष्ठ 38

36 / बन्दी जीवन
आपको क्रान्तिकारियों द्वारा प्रकाशित ऐलानों का संग्रह मिलेगा, तो कहीं राष्ट्रीय
हुंडी । कहीं 'माउण्ट जोय' जेल में भूख हड़ताल करने वालों की मूर्तियां खड़ी हैं,
तो कहीं आयरिश शहीदों के चित्र के ऐलबम । और तो और उन शहीदों द्वारा
व्यवहार में लाई जाने वाली चीजें भी संग्रह कर ली गई हैं—यथा उनकी अंगू-
ठियां, प्याले और पेंसिल इत्यादि । जगह-जगह गोलियों से छिदे कपड़े तथा
टोपियाँ रखी हुई हैं ।"
क्या इस प्रकार का कोई सग्रहालय हम लोग दिल्ली में स्थापित नही कर
सकते ? उसके लिए सर्वोत्तम स्थान दिल्ली की सेण्ट्रल जेल थी, जहाँ चार
क्रान्तिकारियो को फाँसी लगी थी, पर अदूरदर्शिता के कारण वह भी नष्ट कर
दी गई ! पर सरकार की प्रतीक्षा में बैठे रहने में हम अपने-आपको पंगु ही बना
लेगे, इसलिए हम लोग जो कुछ स्वय कर सकते है, उसे कर दें ।
—बनारसीदास चतुर्वेदी