अथर्ववेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)
Atharvaveda Samhita with Hindi Translation
डा. गंगा सहाय शर्मा द्वारा
स्रोत: संस्कृत साहित्य प्रकाशन · संस्कृत साहित्य प्रकाशन (उद्गम)
पृष्ठ 34, कुल 1063 में से
संदर्भ में पढ़ेंवाले ऋषियों को आहुति २
ब्रह्मा का वर्णन ३०
२४. शत्रु विनाशकर्ता ब्रह्मणस्पति की स्तुति १-८
इंद्र की स्तुति २
देवों से प्रार्थना ४
२५. शक्तिशाली अश्व की कामना १
२६. अग्नि से उत्पन्न स्वर्ण को धारण करने
वाले पुरुष का वर्णन १-४
२७. विवृत नामक मणि का वर्णन १-१५
सोम आदि देवों की स्तुति ३
मणिधारक पुरुष ८
आदित्य नाम के देव की प्रशंसा ११
२८. दर्भमणि का वर्णन व स्तुति १-१०
द्वेष करने वालों के विनाश के लिए प्रार्थना २
२९. दर्भमणि की स्तुति तथा वर्णन १-९
सेना एकत्र करने वालों के नाश की कामना २
३०. दर्भमणि की स्तुति १-५
दर्भमणि की गांठों में सुरक्षा कवच २
३१. औदुंबरमणि की स्तुति १-१४
पुरुषों, पशुओं, अन्न तथा ओषधियों
की अधिकता की कामना ४
सरस्वती देवी की स्तुति १०
३२. उग्र ओषधि दर्भ का वर्णन १-१०
३३. सौ गांठों वाली दर्भ ओषधि की स्तुति १-५
दर्भ नाम का रक्षा साधन शक्ति संपन्न ४
३४. जंगिड़ नामक जड़ीबूटी का वर्णन १-१०
जंगिड़ मणि की महिमा २
३५. महा रोग नाशक जंगिड़ मणि का वर्णन १-५
३६. राजयक्ष्मा अर्थात् टीबी रोग नाशक शतवार
ओषधि का वर्णन १-६
पागलपन व अन्यरोगों का निवारण ६
३७. अग्नि की स्तुति १-४
प्रसन्नता के लिए यज्ञ ४
३८. गुग्गुलु नाम की ओषधि का वर्णन १-३
३९. कूठ नामक विशेष ओषधि का वर्णन १-१०
स्वर्ग में देवों का घर पीपल वृक्ष ६
४०. दोषों को दूर करने के लिए बृहस्पति की स्तुति १-४
जल देवता की प्रशंसा २
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