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अश्ववैद्यकम् (जयदत्त सूरि - विस्तृत अश्व-रोग निदान एवं शल्य-चिकित्सा महाग्रन्थ)

अश्ववैद्यकम् (जयदत्त सूरि - विस्तृत अश्व-रोग निदान एवं शल्य-चिकित्सा महाग्रन्थ)

Ashvavaidyaka of Jayadatta Suri with Commentary

जयदत्त सूरि (सम्पादक: उमेशचन्द्र गुप्त कविरत्न) द्वारा

DevanagariHindipublished522 पृष्ठ

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पृष्ठ 375

[ ६ ]
२७ वातादिकोपाध्याये—
पृ० श्लो० ।
,, प्रकोपनिदानलक्षणे .. .. १६१-१
,, वातादिप्रकोपकालकथनम् .. १६१-४
२८ व्याधिनिर्देशाध्याये—
,, मुखरोगादिसंख्यान्तरोगनिर्देशः.. १६२-१
२६ मुखरोगाध्याये—
,, मुखरोगनिर्वचनम् .. .. १६३-१
,, मुखरोगनिदानलक्षणे .. .. १६४-४
,, मुखरोगचिकित्सा .. .. १६६-१८
३० अक्षिरोगाध्याये—
,, अक्षिरोगनिर्वचनम् .. .. १६८-१
,, वातिकाक्षिरोगनिदानलक्षणानि .. १६८-५
,, तच्चिकित्सा .. .. .. १६६-६
,, पैत्तिकाक्षिरोगलक्षणानि .. २०१-२१
,, तच्चिकित्सितम् .. .. २०१-२४
,, प्रचारलक्षणचिकित्सितम् .. २०२-३१
,, काचलक्षणचिकित्से .. .. २०३-३७
,, रक्ताक्षिरोगलक्षणानि .. २०४-४४
,, तच्चिकित्सा .. .. .. २०५-४७
,, पटललक्षणम् .. .. २०६-५४
,, तच्चिकित्सा .. .. २०७-५८
,, मुद्गजातचिकित्सा .. .. २०८-६७
,, वर्त्मकुन्दचिकित्सा .. .. २१०-८०