अश्ववैद्यकम् (जयदत्त सूरि - विस्तृत अश्व-रोग निदान एवं शल्य-चिकित्सा महाग्रन्थ)
Ashvavaidyaka of Jayadatta Suri with Commentary
जयदत्त सूरि (सम्पादक: उमेशचन्द्र गुप्त कविरत्न) द्वारा
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संदर्भ में पढ़ें[ ६ ]
१३ ऋतुविभागाध्याये-
पृ० श्लो० ।
” सर्व्वर्तूपचारे ऋतुविभागविवरणम् १३३-१
” शाखानिर्म्माणविवरणम् .. १३३-४
” वर्षापोषणविवरणम् .. .. १३५-१५
” शरत्पोषणविवरणम् .. .. १३८-२६
” हेमन्तपोषणविवरणम् .. .. १४३-५३
” शिशिरपोषणविधिः .. .. १४५-६५
” वसन्तपोषणविधिः .. .. १४८-७५
” ग्रीष्मपोषणविधिः .. .. १४९-८२
” सर्व्वर्तुपोषणविधिः .. .. १५०-८४
१४ क्षारानिशस्त्रविधानाध्याये-
” क्षारदाहविधानम् .. .. १५२-१
” लौहदाहविधानम् .. .. १५३-७
” मेदोदाहविधानम् .. .. १५४-१३
” दाहलक्षणम् .. .. १५५-२०
” शस्त्रविधानम् .. .. १५५-२१
१५ शिरावेधाध्याये-
” शिरावेधकालनिरूपणम् .. १५६-१
” शोणितविवरणम् .. .. १५७-६
” वेधस्थानकथनम् .. .. १५८-१२
१६ निरूहानुवासनाध्याये-
” नेत्रनिर्म्माणविवरणम् .. .. १६२-१
” अनुवासनविवरणम् .. .. १६३-६
” निरूहविवरणम् .. .. १६४-१४