सम्राट अशोक के अभिलेख (शिलालेख, स्तम्भलेख एवं गुहालेख - मूल प्राकृत, ब्राह्मी एवं सविस्तार हिन्दी व्याख्या)
Inscriptions of Emperor Ashoka with Hindi Commentary
देवानांप्रिय प्रियदर्शी सम्राट अशोक (सम्पादक: जनार्दन भट्ट) द्वारा
पृष्ठ 55, कुल 80 में से
संदर्भ में पढ़ें- is itनिक्षीयतेorनिचीयते? "निचीयते इति" -> grammatically निकायः = नि + चि + घञ्, so "निचीयते इति"! Look at the text: निचीयते! Yes, चwith dirgha ee!निचीयते इति।`
Next heading:
शाहबाजगढ़ी शिला : त्रयोदश अभिलेख
• कलिङ्गा = कलिंग देश (अथवा कलिंग देश के निवासी)। सं.-कलिङ्गाः।
'कलिङ्गु -पु. जगन्नाथात् पूर्वनिणे कृष्णातीरान्तरं शिले! कलिङ्गदेशः सप्रोक्तः'
इन्दुप्रतंदर्शी। (शब्द०)। [तंत्रों में कलिंग देश का वर्णन इस प्रकार से किया गया
है-'जगन्नाथात्समाभ्य कृष्णातीरान्तः प्रिये। कलिङ्गदेशः समाख्यातो
वाममार्गपरायणः॥'] पालि-कलिङ्गा (कलिङ्गाः, कलिङ्गः)।
Wait, let's look at:
'कलिङ्गु -पु. -> कलिङ्गः -पु. or कलिङ्ग -पु.? Looks like कलिङ्ग -पु.
पूर्वनिणे -> पूर्वनिणे or पूर्वभागे? Looks like पूर्वभागे or पूर्वनिणे? Let's check:
"