अणुभाष्य (महाप्रभु वल्लभाचार्य - शुद्धाद्वैत वेदान्त ब्रह्मसूत्र महाभाष्य प्रकाश टीका सहित)

अणुभाष्य (महाप्रभु वल्लभाचार्य - शुद्धाद्वैत वेदान्त ब्रह्मसूत्र महाभाष्य प्रकाश टीका सहित)
Anubhashya on Brahma Sutras by Mahaprabhu Vallabhacharya with Commentary
महाप्रभु वल्लभाचार्य (टीकाकार: गोस्वामी पुरुषोत्तम जी महाराज) द्वारा
DevanagariHindipublished2,600 पृष्ठ
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= ग, below it is स्+त+य with visarga). Exactly उपदेशोगस्त्यः!
And line 33: भावना सनकादिकर्तृका तस्याम् । आदिपदेन संयोगे वियोगवृत्तिरूपे प्रेम्णि ।
Wait, let's look at भावना सनकादिकर्तृका:
In image, भावना is followed by सनकादिकर्तृका:
Wait, is it सदादिकर्तृका or सनकादिकर्तृका?
The second letter has a loop like न: न with क and ा -> सनकादिकर्तृका!
Yes, absolutely brilliant!
- Line 33 (cont):
न तथेति न सर्वथा ब्रह्मभाव - Line 34:
इत्यर्थः । तत्र हेतुर्बहिःस्फूर्तेरित्यादि । तथा चोत्कटविरहे ब्रह्मभावस्तत्र बहिःस्फूर्तेरभावादिति - Line 35:
भावः । बृहदन्तर्गतदृष्टान्तात् । ननु तद्वतिरिक्तानां सर्वथा ब्रह्मभावस्मरणात् सद्योमुक्तिप्रसङ्ग इति चेन्न ।
Wait,बृहदन्तर्गतदृष्टान्तात्?
Let's look at the first word of line 35