अमर शहीद अशफ़ाक़उल्ला ख़ाँ: व्यक्तित्व और कृतित्व (काकोरी के अमर शहीद का जीवन व रचनाएँ)

अमर शहीद अशफ़ाक़उल्ला ख़ाँ: व्यक्तित्व और कृतित्व (काकोरी के अमर शहीद का जीवन व रचनाएँ)
Amar Shaheed Ashfaqulla Khan: Personality & Works
अशफ़ाक़उल्ला ख़ाँ 'वारसी' (सम्पादक: बनारसीदास चतुर्वेदी) द्वारा
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रोशन लाल वंदेमातरम् गाते हुए शहीद हो गये।¹ इस लूट में
सरकारी खजाना लूटा गया था। अशफाक उल्ला खाँ, राम प्रसाद
बिस्मिल, रोशन सिंह, राजेन्द्र लाहिड़ी को फाँसी दे दी गयी। चार
क्रांतिकारियों को आजीवन कारावास की सजा देकर अंडमान भेज दिया
गया। 17 अन्य क्रांतिकारियों को भी लम्बी सजाएं हुई। चन्द्रशेखर आजाद
फरार हो गये।²
आज भारत की स्वतंत्रता के लिए लड़ने वाले क्रांतिकारी उन शहीदों
के रूप में याद किये जाते हैं, जिन्होंने मातृभूमि के लिए जान दे दी।
''शहीदों की चिताओं पर लगेंगे हर बरस मेले,
वतन पर मरने वालों का यही नामों निशा होगा।''
- आधुनिक भारत का इतिहास, बी०एल० ग्रोवर पृष्ठ 314
- भारत का स्वतंत्रता संघर्ष, बिपिन चन्द्र, पृष्ठ 190
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