अमर शहीद अशफ़ाक़उल्ला ख़ाँ: व्यक्तित्व और कृतित्व (काकोरी के अमर शहीद का जीवन व रचनाएँ)

अमर शहीद अशफ़ाक़उल्ला ख़ाँ: व्यक्तित्व और कृतित्व (काकोरी के अमर शहीद का जीवन व रचनाएँ)
Amar Shaheed Ashfaqulla Khan: Personality & Works
अशफ़ाक़उल्ला ख़ाँ 'वारसी' (सम्पादक: बनारसीदास चतुर्वेदी) द्वारा
DevanagariHindipublished297 पृष्ठ
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इसके योग्य हो।¹ देशभक्ति की उन कथा-कहानियों को अशफाक ने पढ़ा।
परिणाम यह हुआ कि अशफाक की मानसिकता और प्रौढ़ हो गयी। उनके
इरादों में मजबूती आ गयी। वे एक सच्चे वीर सपूत बनना चाहते थे।
यही नही उन्हें पुस्तके पढ़ने का शौक भी लग गया।
अशफाक उल्ला खाँ का बचपन सिर्फ जंग, युद्ध की कथाएँ, लड़ाई
लड़ने और अस्त्र शस्त्र का शौक, देश भक्ति का सपना, अंग्रेजी से
नफरत, पुस्तक पढ़ने के शौक में बीता। यही उनके व्यक्तित्व के निर्माण
में सहायक हो सके हैं। यह भी सत्य है कि उनकी माँ और मौलवी साहब
ने भी प्रारम्भिक चरित्र के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी है।
अशफाक के कृतित्व और व्यक्तित्व से आज हम गौरवान्वित होते हैं।
- शहीद अशफाक उल्ला, सुधीर विद्यार्थी, पृष्ठ-10
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