अमर शहीद अशफ़ाक़उल्ला ख़ाँ: व्यक्तित्व और कृतित्व (काकोरी के अमर शहीद का जीवन व रचनाएँ)
Amar Shaheed Ashfaqulla Khan: Personality & Works
अशफ़ाक़उल्ला ख़ाँ 'वारसी' (सम्पादक: बनारसीदास चतुर्वेदी) द्वारा
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संदर्भ में पढ़ेंअध्याय-दो
अशफाक उल्ला खाँ का जीवन परिचय
कोई भी राष्ट्र अपने वीर सपूतों पर गर्व करता ही है। देशभक्त
सदैव पूजनीय और वंदनीय रहे हैं। किसी भी देश की संस्कृति, सभ्यता
और उसकी परम्पराएँ यदि अपने सम्मानित रूप में जीवित हैं तो देश के
वीर सपूतों के कारण ही। इन सब मामलों में भारत वर्ष भावनात्मक रूप
से सदैव आगे रहा है। सही अर्थों में भारतीय वही हैं जो किसी जाति की
तरफ आकर्षित न हो, किसी धर्म में बेवजह न बँधा हो, जो किसी पंथ
का दास न हो, जो किसी प्रान्त की सीमा तक ही न सोचता हो। सच्चा
भारतीय इन सब चीजों से ऊपर उठकर सिर्फ राष्ट्र देवोभव की भावना से
ओतप्रोत होकर मनुष्य के लिए, मनुष्यता की रक्षा के लिए सदैव तत्पर
रहता है। भारतीय को किसी भाषा भेद या सम्प्रदाय भेद से क्या अर्थ, वह
तो भारत भूमि को समर्पित है। ऐसी ही सार्थक भावनाओं संवेदनाओं से
लबरेज भारतवीर अपनी भारत भूमि की रक्षा के लिए प्राणों की आहुति
देने में अंश मात्र भी संकोच नहीं करते है। यही कारण है कि ऐसे वीर
सपूतों के प्रति आने वाली पीढ़ियाँ ऊर्जा और प्रेरणा पाती हैं और उन्हें
देवतुल्य मानकर अभिनंदन करती रही हैं। यह सत्य है कि किसी भी देश
के इतिहास की गौरवशाली सर्जना एक दिन में नहीं होती। इसके लिए
एक काल खण्ड जुड़ा होता है। यह भी निश्चित ही है कि राष्ट्र हेतु किसी
एक व्यक्ति द्वारा किया गया कार्य ही पर्याप्त नहीं होता लेकिन कुछ
विशेष उपकरणों से निर्मित विशिष्टतम महापुरुषों का व्यक्तित्व और कृतित्व
इतिहास बदल देता है। यह भी सत्य है कि किसी व्यक्ति विशेष के
व्यक्तित्व और कृतित्व का अध्ययन करने हेतु उसकी पारिवारिक पृष्ठभूमि,
उसका जीवन, बाल्यकाल और उसकी शिक्षाएं, उनके पूर्वजों पर एक दृष्टि
तो देनी ही होगी।
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