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अमर शहीद अशफ़ाक़उल्ला ख़ाँ: व्यक्तित्व और कृतित्व (काकोरी के अमर शहीद का जीवन व रचनाएँ)

अमर शहीद अशफ़ाक़उल्ला ख़ाँ: व्यक्तित्व और कृतित्व (काकोरी के अमर शहीद का जीवन व रचनाएँ)

Amar Shaheed Ashfaqulla Khan: Personality & Works

अशफ़ाक़उल्ला ख़ाँ 'वारसी' (सम्पादक: बनारसीदास चतुर्वेदी) द्वारा

DevanagariHindipublished297 पृष्ठ

पृष्ठ 178, कुल 297 में से

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पृष्ठ 178

अध्याय-नौ
अशफ़ाक उल्ला ख़ाँ : पत्र कविताएँ, रचना....
(एक रचनात्मक अध्ययन)
किसी के कृतित्व और व्यक्तित्व को समझने के लिए उसके द्वारा
लिखे गये शब्द-अभिव्यक्ति किसी गवाह की तरह आवश्यक हो जाते हैं,
यदि वह व्यक्ति रचनाकार है। अशफ़ाक उल्ला ख़ाँ एक सतर्क और
संघर्षशील क्रांतिकारी सदस्य थे। अशफ़ाक एक कवि थे, जिनकी कविताएँ
(गीत, गजल, नज़्म) निश्चित ही एक मानवीय संवेदना की यात्रा हैं।
अशफ़ाक उल्ला के वैचारिक पहलू का ज्ञान हमें उनकी कविताओं और
पत्रों से ही मिलता है।
अशफ़ाक के पत्र : - पत्रों के माध्यम से अशफ़ाक ने स्वयं को व्यक्त किया
है। ये पत्र एक बंदी व्यक्ति के हैं। एक क्रांतिकारी के पत्र हैं, एक देशभक्त
युवा के पत्र है, जिसके अपने स्वप्न हैं, अपना सम्मान है, अपनी
मानसिकता है, जहाँ किसी प्रकार की बुनावट या बनावट नहीं है। बिना
किसी छिपाव या दुराव के, आडम्बर के बगैर और ऐसा भी नहीं कि कोई
चीज बेवजह बढ़ा चढ़ाकर कही गयी हो, पत्र पूरी गवाही देते हैं। अशफ़ाक
के पत्र देश के प्रति उनकी कर्तव्य भावना की हार्दिकता को भली प्रकार
समझने में सहायक हैं। सुधीर विद्यार्थी ने कहा है कि, "अशफ़ाक के पत्र
उनके विचारों पर बखूबी रोशनी डालते हैं। यह पत्र स्वतंत्रता संग्राम के
इतिहास का जीवन्त दस्तावेज और राष्ट्र की बहुमूल्य निधि हैं।¹ अशफ़ाक
के पत्रों के आइने में हम अपने अतीत की ओर झाँक कर देख सकते हैं
और नई पीढ़ी इनसे अवश्य ही दिशा लेकर आगे का रास्ता भी साफ कर
सकती है।

  1. अशफ़ाक उल्ला ख़ाँ, उनका युग, सुधीर विद्यार्थी, पृष्ठ -117
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