अमर शहीद अशफ़ाक़उल्ला ख़ाँ: व्यक्तित्व और कृतित्व (काकोरी के अमर शहीद का जीवन व रचनाएँ)

अमर शहीद अशफ़ाक़उल्ला ख़ाँ: व्यक्तित्व और कृतित्व (काकोरी के अमर शहीद का जीवन व रचनाएँ)
Amar Shaheed Ashfaqulla Khan: Personality & Works
अशफ़ाक़उल्ला ख़ाँ 'वारसी' (सम्पादक: बनारसीदास चतुर्वेदी) द्वारा
DevanagariHindipublished297 पृष्ठ
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संदर्भ में पढ़ेंपृष्ठ 176इस घटना के दो वर्ष बाद काकोरी ट्रेन डकैती की घटना हुयी, यह
इस घटना के दो वर्ष बाद काकोरी ट्रेन डकैती की घटना हुयी, यह
अपने में एक साहसिक कदम था। परन्तु जिस भावना से यह कार्य किया
गया, उसे लम्बे समय तक बरकरार नहीं रखा जा सकता था। क्योंकि वे
जनता को राजनीतिक रूप से उद्वेलित करने या राजनीतिक संघर्ष में
शरीक करने में विफल रहे।
बावजूद इसके काकोरी काण्ड का राष्ट्रीय मुक्ति संघर्ष में अमूल्य
योगदान है। इन क्रांतिकारियों का अनन्य राष्ट्र प्रेम, अटूट प्रतिबद्धता,
अदम्य साहस और गौरवमय बलिदान भारतीय जनता के लिए प्रेरणा स्रोत
बने। उन्होंने अपनी गतिविधियों से राष्ट्रीय चेतना का संचार किया।
युवाओं के प्रेरणास्रोत बने क्रांतिकारियों में मुख्यतः अशफाक उल्ला खाँ ने
सामाजिक एकता की वह मिसाल कायम की जो अद्वितीय है। अभी तक
मुस्लिम समुदाय का योगदान समाज में आलोचना का विषय था, लेकिन
अशफाक के शहीद होने के पश्चात् गौरवमयी अध्याय के रूप में लोगों
द्वारा याद किया जाने लगा। निश्चित ही अशफाक का बलिदान
अतुलनीय है।
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