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आल्हा-खण्ड / परमाल रासो (महाकवि जगनिक - ५२ लड़ाइयों का ऐतिहासिक वीरगाथा महाकाव्य)

आल्हा-खण्ड / परमाल रासो (महाकवि जगनिक - ५२ लड़ाइयों का ऐतिहासिक वीरगाथा महाकाव्य)

Alha-Khand (Parmal Raso) of Mahakavi Jagnik

महाकवि जगनिक द्वारा

DevanagariHindipublished618 पृष्ठ

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ब्रह्माका बिवाह । २२७ ३१
बाजे डंका अहतंका के तम्बुन फेरि पहुंचे आय १८६
पिरथी पहुंचे राजमहल को सबियाँ झगड़ा गयो पटाय ॥
खेत छूटि गा दिननायक सों झंडागड़ा निशाको आय १६०
करों बन्दना पितु अपने की जिन बल भयोतरँगकोअन्त ॥
राम रमा मिलि दर्शन देवैं इच्छा यही भवानीकन्त १६१