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सर्वकोश
ऐतरेय ब्राह्मण (ऋग्वेद - हिन्दी अनुवाद सहित)

ऐतरेय ब्राह्मण (ऋग्वेद - हिन्दी अनुवाद सहित)

Rigvediya Aitareya Brahmana with Hindi Translation

महिदास ऐतरेय / पं. गंगाप्रसाद उपाध्याय द्वारा

स्रोत: हिन्दी साहित्य सम्मेलन प्रयाग · हिन्दी साहित्य सम्मेलन प्रयाग · 1950 (उद्गम)

DevanagariSanskritpublished592 पृष्ठ

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पृष्ठ 356

३४२ [ पाँचवीं पञ्चिका
क्योंकि वह अंतरिक्ष का गृहपति है । यह जो सूर्य्य है वह
गृहपति है क्योंकि यह तपता है । ऋतु गृह हैं । जो जानता है
कि ऋतुओं का गृहपति कौन है वह सफल होता है । ऐसे यज-
मान सफल होते हैं । जो उस देव को जानता है जो पाप की
बुराइयों को दूर करता है (अर्थात् सूर्य्य) वह गृहपति होता
है । ये यजमान पाप की बुराई को दूर कर देते हैं । हे अध्वर्यु,
हम सफल हो गये, हम सफल हो गये ।” ( ४ )
ऐतरेय ब्राह्मण की पाँचवीं पंचिका का चौथा अध्याय
समाप्त हुआ ।