ऐतरेय ब्राह्मण (ऋग्वेद - हिन्दी अनुवाद सहित)
Rigvediya Aitareya Brahmana with Hindi Translation
महिदास ऐतरेय / पं. गंगाप्रसाद उपाध्याय द्वारा
स्रोत: हिन्दी साहित्य सम्मेलन प्रयाग · हिन्दी साहित्य सम्मेलन प्रयाग · 1950 (उद्गम)
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संदर्भ में पढ़ें( ३ )
विराट् । चतुर्विंश कृत्य । रथंतर और
बृहत् यज्ञ । महाव्रत और सत्र । २३५-२४६
३रा अध्याय—षडह । गवामयन कृत्य । विषुवान्
दिन । स्वरसामकृत्य । दूरोहण जाप ।
हंस-मंत्र । विषुवान् सत्र । २४७-२५७
४था अध्याय—द्वादशाह यज्ञ । विधि । कृत्य । २५८-२६६
५वाँ अध्याय—द्वादशाह यज्ञ । पहले दिन का कृत्य ।
दूसरे दिन का कृत्य । २६७-२८०
पंचम पञ्चिका—
१ला अध्याय—द्वादशाह के तृतीय और चतुर्थ दिन के
कृत्य और शस्त्र । २८१-२९६
२रा अध्याय—द्वादशाह के पंचम और षष्ठ दिन के
कृत्य, शस्त्र, और विशेषतायें । २९७-३१४
३रा अध्याय—द्वादशाह के सप्तम और अष्टम दिन के
कृत्य, शस्त्र और विशेषतायें । ३१५-३२८
४था अध्याय—द्वादशाह का नवम और दशम दिन ।
यज्ञ की पूर्ति । ३२९-३४२
५वाँ अध्याय—अग्निहोत्र । गाय संबंधी प्रायश्चित्त ।
आहवनीय और सूर्य्य । प्रजापति का
तप । ब्रह्मा के कर्म । ३४३-३५४
षष्ठ पञ्चिका—
१ला अध्याय—सोम राजा द्वारा मद-युक्त करना ।
ग्रावस्तोत्रीय । सुब्रह्मण्या । ३५७-३६१
२रा अध्याय—प्रातः सवन और असुर । मध्य सवन ।
होत्रकों के इन सवनों के परिधानीय