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सर्वकोश
अभिधर्मकोश एवं भाष्य (आचार्य वसुबन्धु - स्फुटार्था व्याख्या सहित सम्पूर्ण बौद्ध दर्शन महाकोश)

अभिधर्मकोश एवं भाष्य (आचार्य वसुबन्धु - स्फुटार्था व्याख्या सहित सम्पूर्ण बौद्ध दर्शन महाकोश)

Abhidharmakosha and Bhashya of Vasubandhu with Commentary

आचार्य वसुबन्धु (टीकाकार: यशोमित्र, सम्पादक: स्वामी द्वारिकादास शास्त्री) द्वारा

DevanagariSanskritpublished1,258 पृष्ठ

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पृष्ठ 15

yoḥ? No, शैक्षाशैक्षयोः).

Line 23 left:
शैक्षा धर्माः कतमे ? ६७३ (or कनमे ?)

Line 24 left:
शैक्षः कुतो वैराग्यमाप्नोति ? ६७४

Line 25 left:
कतमया भूम्या कुतो

Right column:
Line 1: वैराग्यम् ? ६७६
Line 2: क्षयज्ञानादनन्तरं किमुत्पद्यते ? ६७६
Line 3: श्रामण्यम्, तत्फलानि च ६७६
Line 4: ब्राह्मण्यम्, धर्मचक्रम् ६८२
Line 5: कस्मिन् धातौ कति श्रामण्य-
Line 6: फलानि ? ६८७
Line 7: अर्हन्तः षट् ६८८
Line 8: शैक्षानाशैक्षाश्च षड्गोत्राः १००२
Line 9: परिहाणिस्त्रिधा १००३
Line 10: इन्द्रियभेदादर्हन्तो नव १००७
Line 11: सप्त पुद्गलाः १००७
Line 12: कियता पूर्णः शैक्षो भवति ? १०११
Line 13: समासतो मार्गः कतिविधः ? १०१२
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