यथार्थ गीता (श्रीमद्भगवद्गीता - स्वामी अड़गड़ानन्द)

यथार्थ गीता (श्रीमद्भगवद्गीता - स्वामी अड़गड़ानन्द)
Yatharth Geeta - Srimad Bhagavad Gita (Swami Adgadanand)
by स्वामी अड़गड़ानन्द
Source: मानव धर्मशास्त्र - ५२०० वर्षों के अन्तराल के बाद श्रीमद्भगवद्गीता की शाश्वत व्याख्या · श्री परमहंस स्वामी अड़गड़ानन्दजी आश्रम ट्रस्ट · 2015 (origin)
DevanagariHindipublished429 pages
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गीता आपका
धर्मशास्त्र है।
विश्व में प्रचलित सम्पूर्ण
धार्मिक विचारों के आदि
उद्गम स्थल भारत के समस्त
अध्यात्म और आत्मस्थिति
दिलानेवाले सम्पूर्ण शोध के
साधन-क्रम का स्पष्ट वर्णन इस
गीता में है, जिसमें ईश्वर एक,
पाने की क्रिया एक, पथ में
अनुकम्पा एक तथा परिणाम
एक है - वह है प्रभु का दर्शन,
भगवत्स्वरूप की प्राप्ति और
काल से अतीत अनन्त जीवन।
देखें - 'यथार्थ गीता'।