तिरुक्कुरळ् (सन्त तिरुवल्लुवर - तमिल वेद / उत्तरवेद: धर्म, अर्थ एवं काम सविस्तार हिन्दी भाषान्तर)
Tirukkural of Saint Tiruvalluvar in Hindi
by सन्त तिरुवल्लुवर (अनुवादक: खेमानन्द 'रहत')
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तिरुक्कुरळ् के शब्द सौन्दर्य एवं अर्थ गाम्भीर्य का सुन्दर सामंजस्य सहृदय
पाठक को स्वभावतः भावमय एवं रसमय कर देता है ।
तिरुक्कुरळ् के अनेक नाम प्रचलित हैं जिनमें से एक 'तिरुवळ्ळुवर'
भी है जो इसके लेखक का भी नाम है । वस्तुतः यह उचित ही है क्योंकि
दोनों में इतना अन्योन्याश्रय सम्बन्ध है, इतनी अभिन्नता है कि वे एक दूसरे से
पृथक् नहीं किये जा सकते । तिरुक्कुरळ् तिरुवळ्ळुवर की एकमात्र कृति है ।
तिरुवळ्ळुवर के जीवन में तिरुक्कुरळ् पूर्णतः ठीक उतरता है । तिरुवळ्ळुवर को
ही तिरुक्कुरळ् के लिए आदर्श रूप में ले सकते हैं । तिरुवळ्ळुवर का
जीवन ही 'तिरुक्कुरळ्' था । तिरुवळ्ळुवर ही तिरुक्कुरळ् थे और वे आज हमारे
सम्मुख एक ग्रन्थ के रूप में उपस्थित हैं और सदा रहेंगे । तिरुक्कुरळ् ही
तिरुवळ्ळुवर है ।
तिरुवळ्ळुवर का वास्तविक नाम अज्ञात है । कबीर, सूर, तुलसी आदि के
समान अपने काव्य में इन्होंने अपने नाम को 'जड़ा' नहीं है । 'तिरु'
एक आदरसूचक उपसर्ग मात्र है, और 'वळ्ळुवर'¹ उनकी जन्मगत एक अत्यन्त
निम्न-कोटि की जाति का नाम है । विद्वानों का विचार है कि इन दो शब्दों के
संयोग से ही कवि का प्रस्तुत नाम प्रचलित हुआ । सन्त कवि कबीर के समान
ही इनके जन्म के सम्बन्ध में भी अनेक प्रकार की किंवदन्तियां प्रचलित हैं ।²
- வள்ளுவன் (वळ्ळुवन) 1. A paraiya caste, the members of
which are royal drummers, and priests for paraiyas. - One who foretells events by Omens. 3. An officer
who proclaims the king’s commands. 4 The author of
‘Kural’ (Tamil Lexicon, P 3552). - “A wild and utterly incredible tradition assigns him a
Brahmin father and a low caste mother..” G. U. Pope,
‘The Sacred Kural’, P. ii. Introduction.