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सर्वकोश
सौन्दरनन्द महाकाव्य (महाकवि अश्वघोष - विमला संस्कृत एवं हिन्दी व्याख्या सहित सम्पूर्ण १८ सर्ग)

सौन्दरनन्द महाकाव्य (महाकवि अश्वघोष - विमला संस्कृत एवं हिन्दी व्याख्या सहित सम्पूर्ण १८ सर्ग)

Saundarananda Mahakavya of Ashvaghosha

महाकवि अश्वघोष (व्याख्याकार: आचार्य जगदीशचन्द्र मिश्र) द्वारा

DevanagariHindipublished496 पृष्ठ

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७. वज्रयानमूलपत्तिसंग्रह ( वही, ४८ फो० २१९-२० ब ) ।
८. शतपञ्चशतकनामस्तोत्र ( वही, वस्तोद, फो० १२९, अ १३६ ब ) ।
९. शोकविनोदन ( तञ्जवूर, मदो ९४, फो० २७०-७१ ) ।
१०. संवृत्तबोधिचित्रभावनोपदेशवर्णसंग्रह ( वही, ३३ फो० १४६-४७ ) ।
११. स्थूलपत्ति ( वही, ग्युदं ४८, फो० २२०, ब-२२१, अ ) ।
इनके अतिरिक्त अश्वघोष की कृतियों के अनुवाद चीनी त्रिपिटिक में
मिलते हैं । Ashwaghosha's Discourse The Awakening of gaith in
the Mahayan Page 37, by W. T. Swaku में चीनी स्रोतों से अश्वघोष
के ग्रन्थों की सूची प्रस्तुत की है—
१. महायानंश्रद्धोत्पादशास्त्र ।
२. परमपदप्राप्त्यर्थं आध्यात्मिक भूमियों पर लिखित मौलिक प्रबन्ध ।
३. सूत्रालङ्कारमहाशास्त्र ।
४. बुद्धचरितकाव्य ।
५. अनात्मसिद्धान्त से सम्बद्ध निर्ग्रन्थ पर एक सूत्र ।
६. दशदुष्कर्मसूत्र ।
७. स्वामिसेवासम्बद्ध पञ्चशतपद्य ।
८. सत्ता की षड् अवस्थाओं के द्वारा पुनर्जन्म से सम्बद्ध एक सूत्र ।
बौद्ध त्रिपिटक के चीनी अनुवाद के नाजियों की सूची में महायानभूमि
'गुह्यवाचालमूलशास्त्र' अधिक है । परन्तु उपरोक्त चीनी ग्रन्थों में क्रमांक २, ५
और ८ नहीं मिलते हैं । शेष समान रूप से प्राप्त हैं । इसकी सूची-संख्या
१०८० है । इन विसंगतियों के बावजूद भारतीय परम्परा के डॉ० हरप्रसाद
शास्त्री (१९१० ई०) ने 'बिब्लिओथिका इण्डिका' के एपेण्डिक्स (पृष्ठ २५-२७)
में निम्नलिखित सूची प्रस्तुत की है—
१. बुद्धचरितकाव्य ।
२. शारिपुत्र-प्रकरण ।
३. सौन्दरनन्दकाव्य ।
४. गण्डीस्तोत्र ।
५. वज्र-सूची ।
डॉ० करुणाशंकर दूबे ने सौन्दरनन्द हिन्दी-अनुवाद भूमिका पृ० १९ में
लिखा है कि उक्त सूचियों के आधार पर डॉ० रामायणप्रसाद द्विवेदी ने अपनी
पुस्तक बौद्ध संस्कृत-काव्य-समीक्षा पृ० १४५ पर उन ग्रन्थों की एक सूची
प्रस्तुत की है, जिसे सभी विद्वानों का समर्थन प्राप्त है—
दार्शनिक ग्रन्थ— १. महायान श्रद्धोत्पादशास्त्र
२. सूत्रालङ्कार
३. वज्रसूची
गीतिकाव्य— १. गण्डीस्तोत्रगाथा