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पञ्चदशी (हिन्दी व्याख्या सहित)

पञ्चदशी (हिन्दी व्याख्या सहित)

Panchadashi by Swami Vidyaranya

by स्वामी विद्यारण्य

Source: चौखम्बा विद्याभवन · चौखम्बा विद्याभवन · 1940 (origin)

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DevanagariSanskritpublished726 pages

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तृप्तिदीपप्रकरणम् ३२९
तृप्तिदीपमिमं नित्यं येऽनुसन्दधते बुधाः ।
ब्रह्मानन्दे निमज्जन्तस्ते तृप्यन्ति निरन्तरम् ॥२९८॥
जो बुध लोग इस तृप्तिदीपनाम के प्रकरण का विचार नित्य
करेंगे वे ब्रह्मानन्द में निमग्न हो कर सदा ही तृप्त रहने लगेंगे।
इति श्रीमद्विद्यारण्यमुनिविरचितं तृप्तिदीपप्रकरणं समाप्तम् ।