मुद्राराक्षसम् (विशाखदत्त - भारतेन्दु हरिश्चन्द्र हिन्दी अनुवाद)

मुद्राराक्षसम् (विशाखदत्त - भारतेन्दु हरिश्चन्द्र हिन्दी अनुवाद)
Mudrarakshasam of Vishakhadatta Hindi
by विशाखदत्त (अनुवादक: भारतेन्दु हरिश्चन्द्र)
Source: Mudrarakshas Drama translated into Hindi by Bharatendu Harishchandra (1925) (origin)
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DevanagariHindipublished173 pages
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७० मुद्राराक्षस—
राक्षस ।—तो अब हम भी चल कर करभक को कुसुमपुर भेजें (उठता है)। अहा ! क्या उस मृतक चाणक्य से चन्द्रगुप्त से बिगाड़ हो जायगा, क्यों नही ? क्योंकि सबै कामों को सिद्ध ही देखता हूं ।
५ चन्द्रगुप्त निज तेज बल, करत सबन को राज ।
तेहि समझत चाणक्य यह, मेरो दियो समाज ॥
अपनो २ करि चुके, काज रह्यो कछु जौन।
अब जौ आपस मे लडें, तौ बड अचरज कौन ॥
(जाता है)
१० ॥ इति द्वितीयाङ्क ॥