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कौटिलीय अर्थशास्त्रम् (सटीक - डॉ. वाचस्पति गैरोला)

कौटिलीय अर्थशास्त्रम् (सटीक - डॉ. वाचस्पति गैरोला)

Kautiliya Arthashastra with Hindi Commentary by Gairola

by आचार्य कौटिल्य (चाणक्य) / डॉ. वाचस्पति गैरोला

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DevanagariSanskritpublished918 pages

Page 776 of 918

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Page 776
प्रकरण १६६-१६७शस्त्राग्निरसप्रणिधयः, वीवधासार-प्रसारवधश्च
अध्याय ४

(१) ये चास्य दुर्गेषु वैदेहकव्यञ्जनाः, ग्रामेषु गृहपतिकव्यञ्जनाः, जनपदसन्धिषु गोरक्षकतापसव्यञ्जनाः, ते सामन्ताटविकतत्कुलीनावरुद्धानां पण्यागारपूर्वं प्रेषयेयुः—'अयं देशो हार्य' इति । आगतांश्चैषां दुर्गे गूढपुरुषा-नर्थमानाभ्याम् अभिसत्कृत्य प्रकृतिच्छिद्राणि प्रदर्शयेयुः । तेषु तैः सह प्रहरेयुः ।
(२) स्कन्धावारे वास्य शौण्डिकव्यञ्जनः पुत्रमभित्यक्तं स्थापयित्वा अवस्कन्दकाले रसेन प्रवासयित्वा 'नैषेचनिकम्' इति मदनरसयुक्तान् मद्य-कुम्भाञ्छतशः प्रयच्छेत् । शुद्धं वा मद्यं पाद्यं वा मद्यं दद्यादेकमहः, उत्तरं रससिद्धं प्रयच्छेत् । शुद्धं वा मद्यं दण्डमुख्येभ्यः प्रदाय मदकाले रससिद्धं प्रयच्छेत् ।


शस्त्र, अग्नि तथा रसों का गूढ प्रयोग, और वीवध, आसार तथा प्रसार का नाश

(१) शत्रु राजा के दुर्गों में जो वैदेहक, गाँवों में जो गृहपतिक, सरहदी इलाकों में जो ग्वाले और तापस आदि के वेष विजिगीषु के गुप्तचर नियुक्त हों, उन्हें चाहिए कि वे शत्रु के साथ स्वभावतः ही वैर रखने वाले सामंत, आटविक, शत्रु के बन्धु-बान्धव और नजरबंद राजकुमार आंदि हों, कुछ भेंट सामग्री रख कर, उनके पास यह संदेश भेजें कि 'शत्रु के अमुक दुर्बल प्रदेश का आप लोग सहज ही में अपहरण कर सकते हैं।' इस बात के लिए उद्यत होकर जब उन सामंत आदि के गुप्तचर आ जायँ तो उनका धन-मान से सत्कार करके तब उनके सामने शत्रु राजा के प्रकृतिवर्ग के समस्त दोषों को खोल कर रखा जाय । जब शत्रु के सभी दोष उनको ज्ञात हो जायँ तो उनकी सहायता प्राप्त कर शत्रु पर आक्रमण किया जाय ।

(२) अथवा शत्रु की छावनी में शराब बेंचने वाले सभी गुप्तचर किसी वध्य पुरुष को अपना पुत्र बताकर रात्रि के अंतिम प्रहर में विष देकर उसकी हत्या कर डालें और तब अपने मृतक पुत्र के निमित्त 'यह नैषेचनिक द्रव्य है' ऐसा कह कर विषमिश्रित शराब के सैकड़ों घड़े फौजियों को पिला दे, अथवा विश्वास के लिए पहिले दिन विषरहित ही शराब दे, अथवा पहिले दिन चौथाई हिस्सा विषमिश्रित शराब दे और बाद में पर्याप्त विषमिश्रित शराब पिलाये अथवा सेना के अध्यक्षों