कौषीतकि ब्राह्मण (शाङ्खायन ब्राह्मण - उदय प्रणीत व्याख्या सहित सटीक)

कौषीतकि ब्राह्मण (शाङ्खायन ब्राह्मण - उदय प्रणीत व्याख्या सहित सटीक)
Kaushitaki Shankhayana Brahmana with Udaya Commentary
महर्षि कौषीतकि (टीकाकार: उदयसूरि) द्वारा
DevanagariSanskritpublished119 पृष्ठ
पृष्ठ 5, कुल 119 में से
संदर्भ में पढ़ेंपृष्ठ 5
कौषीतकिब्राह्मणविषयसूची
I अग्न्याधेयम् ।
- अग्नेस्तिस्रस्तन्वः । .................................................... 1.
- पावकेष्टिः पवमानेष्टिश्च । ............................................... 2.
- प्रयाजानुयाजानामग्निदेवताकत्वम् । ...................................... 3 (१-१५).
- पुनराधेयकालः । ......................................................... 3 (१६-३०).
- पुनराधेयपुरोडाशः । ...................................................... 3 (३१-३३).
- प्रयाजानुयाजानां सविभक्तिकत्वम् । ....................................... 4 (१-९).
- आज्यभागौ । ............................................................. 4 (१०-२०).
- पुनराधेयेष्टिः । .......................................................... 5.
II अग्निहोत्रम् । - पयोहोमः । ............................................................... 1, 2.
- पयःप्राशनम् । ........................................................... 3.
- अग्न्युपस्थानम् । ......................................................... 4.
- वाग्ब्राह्मणम् । ........................................................... 5.
- सायमग्निहोत्रम् । ...................................................... 6.
- अग्निहोत्रविज्ञानफलम् । ................................................... 7.
- अग्निहोत्रकालमीमांसा । .................................................. 8, 9.
III दर्शपूर्णमासौ । - उपवासकालनिर्णयः । ...................................................... 1.
- सामिधेन्यः । ............................................................. 2.
- आर्षेयानुवचनम् । ........................................................ 3 (१-१९).
- देवतावाहनम् । ........................................................... 3 (२०) - 4 (८).
- स्रुगादापनम् । ............................................................ 4 (९-११).
- प्रयाजाः । ................................................................ 4 (१२) - 5 (१४).
- आज्यभागौ । ............................................................. 5 (१५) - 6 (११).
- याज्यापुरोनुवाक्यास्वरूपम् । ............................................ 6 (१२) - 7 (१३).