Skip to content
SarvaKosh
कालिका पुराण (सटीक हिन्दी अनुवाद सहित)

कालिका पुराण (सटीक हिन्दी अनुवाद सहित)

Kalika Purana with Hindi Translation

by महर्षि व्यास

Source: कल्याण मन्दिर प्रयाग · कल्याण मन्दिर प्रयाग (origin)

DevanagariSanskritpublished442 pages

Page 184 of 442

Read in context
Page 184

[Page Header]
[Header Left: १८६]
[Header Center: ॐ श्रीकालिका पुराण ॐ]
[Decorative border]

और उन्होंने एक ही साथ पौत्र घातों से उत्क्षेप किया था जो कि महान
बल से समन्वित थे। वे सब जितने प्रमाण वाले शरभ था उतने ही
प्रमाण वाले उस समय में हो गये थे। वे तीनों पौत्री माया के द्वारा शरभ
के उत्पक्षेप के अवसर पर बन गये थे। वह शरभ पृथ्वी के भाग में
गहन जल के सागर में पतित हो गया था। मकरों के निवास स्थान
सागर में सुवृत्त कनक और घोर के गिर जाने पर वाराह भी अपने पुत्रों
के स्नेह से वशीभूत होकर और क्रोध से हे द्विजसत्तमो! उछाल खाकर
सहसा उस जल से समुदाय वाले सागर में गिर गया था। उस समय में
वे सब वाराह और शरभ उछाल खाते हुओं ने दिव्यलोक में सब देवों
का और समस्त नक्षत्रों का भग्न कर दिया था। उनमें कुछ देवगण तो
निहित हो गए थे और कुछ भूमि में नियति हो गये थे और उनमें कुछ
देवज्ञान से समन्वित थे जो महर्लोक का समुपाश्रय ग्रहण करके वहाँ
पर संस्थित हो गये थे।
हे द्विज श्रेष्ठों! नक्षत्र विमान से महीबल में पतित हो गये थे वे सब
ज्वालाओं की मालाओं से समाकुल दिखलाई दे रहे थे। उनके उत्पतन
में जो वेग था वह बहुत ही अधिक दारुण था। उनसे अत्यधिक वेग
वाला वायु उत्पन्न हो गया था जो बहुत ही अधिक दारुण था। उस
वायु से प्रेरित हुए पर्वत पृथ्वीतल में गिर गये थे और कुछ पर्वत पुनः
ही पर्वतों में पतित हो गये थे। वह वृक्षों का और जन्तुओं का विभर्दित
करके बारम्बार निपातित हो गये थे। कुछ तो पर्वतों के आघातों से
महीतल में नृत्यमान हो रहे थे। उन पर्वतों ने गमन करते हुओं ने बहुत
सी प्रजाओं का भग्न कर दिया था। वायु के वेग से भूतल में पर्वत
दिखलाई दिए थे। उनसे सदृश्यमान होते हुए अर्थात् रगड़ खाते हुए
अन्य पर्वत गमन करते हुए से प्रतीत हो रहे थे। अम्भीनिधि में पतित
हुए वाराहों से और शरभ से दिखाई दे रहे थे। महान ऊँचे पर्वतों से
जल की राशियाँ उत्क्षिप्त हो गयी थी।
एक ही क्षण में सब सागर बिना जल वाले हो गये थे क्योंकि वे
सब जल की राशियों समुत्क्षिप्त होकर पृथ्वी जल में समागत हो गई