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कबीर मन्शूर (स्वसंवेदार्थ प्रकाश)

कबीर मन्शूर (स्वसंवेदार्थ प्रकाश)

Kabir Manshoor (Svasamvedarth Prakash)

by कबीर साहेब

Source: कबीर मन्शूर स्वसंवेदार्थ प्रकाश · खेमराज श्रीकृष्णदास (origin)

Devanagarihipublished1,367 pages

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जमीनकी चीजोंमेंसे यहाँ आशय है साग, पात, अनाज, फल, फूल आदि। क्योंकि, पृथिवीमेंसे यही उगते हैं, जीवधारी नहीं उगते, पृथिवीको ही सुथरी और हलाल चीजें हैं दूसरी कोई नहीं है, यही मनुष्यका यथार्थ भी क्षण है ।

गुलजार आदममें लिखा है कि, हजरत आदमने खुदाके हुक्मको न माना, अपने आपको नंगा देख लज्जावान् हुये । वृक्षोंसे पत्ता मांगने लगे कि, मैं अपना परदा करूँ, स्वयं किसी वृक्षका पत्ता तोड़ा। जब स्वयं इंजीरके वृक्षके अपनी खुशीसे पत्ता दिया, तो उसके पत्तासे अपना परदा ढका । यह वही बात है कि, मुहम्मद साहबको वृक्ष दीवार और पत्थर आदि सब सलाम करते थे, उसको मुहम्मद साहबके सिवा दूसरा कोई भी मालूम न कर सका । जो कोई जैसा भला तथा किसी को दुख देनेकी इच्छा न रखता होगा, वही वृक्षोंकी बातचीत और आशयको समझ लेगा । दयालु ऐसे आदमकी सन्तान मुसलमान ऐसे अत्याचारी हो कि, जीवित जीवधारियोंको बलसे पकड़कर काटते हुए कहें कि, हजरत आदम मुसलमान थे तो क्या ? वे भी ऐसेही थे जैसे कि, अब हैं । वास्तविक बात तो यह है कि, ये लोग मुसलमानके अर्थ न समझते होंगे जिससे झूठा दावा करते होंगे ।

सिंहाका न्याय — हदीसोंसे प्रगट है कि, कयामतके दिन खुदा सबका न्याय करेगा, मनुष्यके अतिरिक्त दूसरे जीवधारियोंका भी हिसाब होगा, जो हिंसक पशु सींग और नखोंसे दूसरोंको कष्ट पहुँचाते हैं, उनको दण्ड मिलेगा, वे भी अपने २ पापके फलोंको भोगेंगे । सब अत्याचारी जीवधारी नरकमें डाले जावेंगे, शुभकर्मों पापरहित जीव स्वर्गको जावेंगे । जड़ जीवोंका भी हिसाब होगा, जैसे फलदार वृक्ष भले और काँटेवाले दुख पहुँचानेवाले वृक्ष क्रमशः स्वर्ग और नर्कको जावेंगे । जो हिंसक जीवधारी पशु कहलाते हैं तथा स्वप्नकी दशामें हैं। वे भी रक्तपातके कारण दोजखमें जावेंगे तो फिर जाग्रत और विवेकके लिये ही बनाया गया, मनुष्य जो कि, अपने कर्मोंका हिसाब देनेवाला है, वह पाप और अत्याचार से किस प्रकार छूट सकता है । उसे अपने कर्म अवश्य ही भोगने पड़ेंगे ।

गोहत्याका निषेध — महम्मद साहबने कहा है कि, चारकी सद्गति कभी न होगी । १—जाबिहुल बकर यानी गोहत्या करनेवाला, २—दायमुल खुमर यानी शराबका पीनेवाला, ३—बायेउल बशर यानी मनुष्य बेचनेवाला, ४—कातिउल शिजर यानी वृक्षका काटनेवाला गाय मारनेवाले क्रस्साई वगैरः नशा खानेवाले आदमी बेचनेवाले और वृक्षके काटनेवाले ये सब दोजकके जीव हैं ।

समीक्षा — मुसलमान कहते हैं कि, हमको कुरबानीका हुक्म है, यह उनको