कबीर मन्शूर (स्वसंवेदार्थ प्रकाश)
Kabir Manshoor (Svasamvedarth Prakash)
by कबीर साहेब
Source: कबीर मन्शूर स्वसंवेदार्थ प्रकाश · खेमराज श्रीकृष्णदास (origin)
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Read in contextमारके बलपूर्वक ले लूँगा । जब कूर्मजीने निरञ्जनकी ऐसी बातें सुनी तो जान लिया कि, यह अभिमानी और घमंडी काल उत्पन्न हुआ है जो ऐसी अभिमानयुक्त बातें कर रहा है । फिर उन्होंने निरंजनसे कहा कि, तुम यहाँसे चलेजाओ, मैं तुमको कुछ न दूँगा। क्योंकि, सत्यपुरुषकी कोई आज्ञा मुझे नहीं मिली है तुम सत्यपुरुषके पास चले जाओ । कूर्मजीके यह वाक्य सुनके कालपुरुष, जिसका शरीर कूर्मजीके शरीरसे आधा था, अत्यंत क्रुद्ध हुआ । तपके कारण निरञ्जन अति बलिष्ठ होगया था, कूर्मजीको युद्धके निमित्त ललकारा और लड़ाईके लिये प्रस्तुत होगया तथा क्रोधमें बकता झकता कूर्मजीपर आन टूटा । दोनोंमें द्वंद्व युद्ध होने लगा । महाभयंकर युद्ध हुआ । निरंजन वह दाब पेश करने लगा कि, जिसमें वह सृष्टिकी रचनाका समान पाजावे । अन्तमें निरञ्जनने कूर्मजीपर अत्यंत कठिन आक्रमण किया और अपने नखोंद्वारा उनके तीन सौस काट डाले। जब कूर्मजीके तीन सिर कटे तब उनके पेटके भीतरसे रचनाकी समस्त सामग्री बहिर्गत हो गयी । सूर्य, चन्द्र, नक्षत्र, पञ्चतत्त्व, तीन गुण इत्यादि उनके पेट भण्डारसे बाहर निकल आये । सब चल तथा अचल तारे छिटक गये, पृथ्वी आकाशकी उत्पत्तिकी प्रगट हो गई और रचनाकी कुल सामग्री अव्यक्तसे व्यक्त होगयी ॥
आठवाँ प्रकरण
कूर्मजीका सत्यपुरुषके पास फरियाद करना और निरंजनको दण्ड मिलना
जब निरंजनने कूर्मजीसे ऐसी धृष्टता की, तब कूर्मजीने अपने ध्यानमें सत्यपुरुषकी सेवामें बिनती की और कहा कि, अहो सत्यपुरुष ! निरंजनने मुझसे इस प्रकारकी धृष्टता और बल प्रयोग किया है जिससे मुझे नितान्तही कष्ट पहुँचा है । जब कूर्मजीने इस प्रकार दोहाई दी तब दयालु सत्यपुरुषने ऐसा उत्तर दिया कि, यह काल निरञ्जन बड़ाही घमंडी हुआ है—यदि मैं उसे इसी समय विलोपित कर दूँ तब तो यह जो रचनाका कौतुक है सो सब नष्ट हो जावेगा। कारण यह कि, मेरे समस्त पुत्रोंकी नाल एकही धागेंमें बँधे रहनेके कारण, एकको नष्ट करते ही सब नष्ट हो जावेंगे। और मेरी समस्त रचना भी नष्ट हो जायगी । इस कारण मैं अब इसका नाश तो नहीं करता किन्तु, उसे यह दण्ड देता हूँ कि, भविष्यमें वह अब मेरे दर्शन न पा सकेगा और यह काल एक लाख जीव प्रतिदिवस खावेगा और सवालक्ष उत्पन्न करेगा । इतना सत्यपुरुषने कूर्मजीसे कहा ।