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कबीर मन्शूर (स्वसंवेदार्थ प्रकाश)

कबीर मन्शूर (स्वसंवेदार्थ प्रकाश)

Kabir Manshoor (Svasamvedarth Prakash)

by कबीर साहेब

Source: कबीर मन्शूर स्वसंवेदार्थ प्रकाश · खेमराज श्रीकृष्णदास (origin)

Devanagarihipublished1,367 pages

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उत्पन्न हुई, यहांतक कि, मैं बहुत बूढ़ हो गया उसी बुड़्डी स्त्रीके स्वरूपमें एक दिन तालावमें स्नान करने गया । जलमें शिर डुबाके बाहर निकलतेही अपनेको यहां खड़ा पाया जाना कि मैं शाहनशाह रूम हूँ आप लोगोंको भी जैसेका तैसा खड़ा पाया । आश्चर्य है कि, इतनीही देरमें क्या क्या हो गया—स्त्री होकर बहुतसे बच्चे जने बूढ़ हो नदीमें स्नान करने गया डुबकी मारतेही पूर्वावस्थामें आगया । यह क्या कौतुक है ? जो एक क्षणमात्रमें ऐसा देखा । उस फकीरने कहा कि खुदाकी कुदरत है, वह जो चाहे सो कर सकता है । उस बादशाहको मुहम्मदके आराज पर विश्वास हुआ उसने समझ लिया कि, संसार ऐसाही है ।

गजल — यह हरदो जहाँदर जहाँ शुवदः बाजी ।

नादानसे दर परदः तिहाँ शुब्दः बाजी ॥

है ख़ाब वह दर नज़र अह्व बरासत ।

यह सारी जमीं और जमाँ शुब्दः बाजी ।

है किस्सा जो सब दो जखो फिरदवस ।

यक सच नहीं यहाँ और वहाँ शुब्दः बाजी ॥

इस किस्साके दफ़्तरमें न गुनजायश आजिज ।

कबतक लिखेगा यह ब्यान शुब्दः बाजी ॥

संसारसे भय और घृणा ।

जो लोग ज्ञानी हैं वे संसारको बहुत तुच्छ समझते हैं क्योंकि, यह यथार्थमें कुछ भी नहीं है जलके बुदबुदके समान है । इसलिये जो मोक्षमार्गके खोजी हैं वे लोग इससे घृणा रखते हैं, समस्त विषय और वासनाको त्यागकर अलग हो जाते हैं, उसकी तरफ दृष्टि भी नहीं करते । यह संसार मृतक है मृतकसे जो लिपटता है वह कुत्ता है, इस कारण संसारसे प्रेम करनेवाले मनुष्यत्वसे हीन कुत्तेके समान हैं । मनुष्य कभी मृतकसे प्रीति नहीं करता, सारी विषयवासना आशक्तिको अन्तःकरणसे उठा दिया उसीका नाम वैरागी, सन्यासी और उदासी है । वही तपस्वी साधु है । इसकी आशक्तिको अन्तःकरणसे निकाले बिना कोई भी साधु वैरागी आदि नामोंका अधिकारी नहीं हो सकता । तन, मन, धन, जिसमें सारे संसारकी आशक्ति है वे ही बन्धनके कारण हैं । पहले शरीरकोही विचारना चाहिये, जिसके कारण धनसे प्रीति करते हैं । यह देह झूठी है असत्यसे प्रेम करनेवाला सत्यको छोड़ता है । जिसने सत्यको छोड़ा वह भटककर अन्धकारमें पड़ेगा । जब असत्य (देह) से आशक्ति हुई तो उसके पोषण पालनके लिये नाना प्रकारकी युक्तियाँ करने लगा, झूठ बोलकर बेइमानी करके दूसरोंको