ब्राह्मस्फुटसिद्धान्त (ब्रह्मगुप्त - शून्य, कुट्टक, बीजगणित एवं सम्पूर्ण २१ अध्याय सान्वय सटीक)

ब्राह्मस्फुटसिद्धान्त (ब्रह्मगुप्त - शून्य, कुट्टक, बीजगणित एवं सम्पूर्ण २१ अध्याय सान्वय सटीक)
Brahmasphuta Siddhanta of Brahmagupta with Commentary
by आचार्य ब्रह्मगुप्त
DevanagariHindipublished737 pages
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⁶कर्णौज्या क्षिप्रच⁴लनमेव¹ शर⁷मोक्षशं²स्वशबाश्च ।
अध्यायो द्वाविंशो यन्त्रेष्वार्या⁵स्त्रिपंचाशत् ॥ ५३ ॥
³इत्ति ब्रह्मगुप्ते यंत्राध्यायः (२२ वां अध्याय समाप्तः)
द्वाविंशः समाप्तः
५३. (घ) (वि०—इसकी क्रमसंख्या ५४ अंकित है)
१. मेवं (ग) (च) (ङ) for (मेव) २. शंखशब्दाश्च (ग) for (शंस्वशबाश्च)
३. इति ब्राह्मस्फुटसिद्धान्ते यन्त्राध्यायो द्वाविंशतितमः (ग) for (इति श्री ब्रह्म-
सिद्धांते यन्त्राध्यायो द्वाविंशः)
(ग) ४. चालन for (चलन) ५. सप्त for (स्त्रि)
(वि०—इसकी श्लोक संख्या ५६ है)
(च) २. शंखशब्दाश्च for (शंस्वशबाश्च)
(वि०—इसकी श्लोकसंख्या ५४ अंकित है)
३. इति ब्राह्मस्फुटसिद्धांते यंत्राध्यायो द्वाविंशितितमः for (इत्ति ब्रह्मगुप्ते
यंत्राध्यायः (२२ अध्यायसमाप्तः)
(ङ) ६. करणौज्या for (कर्णौज्या) २. खशब्दाश्च for (स्वशबाश्च)
७. शरमोक्षणं for (शरमोक्षं)
३. इति ब्राह्मस्फुट सिद्धान्ते यन्त्राध्यायो नाम द्वाविंशोऽध्यायः for (इत्ति ब्रह्म-
गुप्ते यन्त्राध्यायः)