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ब्राह्मस्फुटसिद्धान्त (ब्रह्मगुप्त - शून्य, कुट्टक, बीजगणित एवं सम्पूर्ण २१ अध्याय सान्वय सटीक)

ब्राह्मस्फुटसिद्धान्त (ब्रह्मगुप्त - शून्य, कुट्टक, बीजगणित एवं सम्पूर्ण २१ अध्याय सान्वय सटीक)

Brahmasphuta Siddhanta of Brahmagupta with Commentary

by आचार्य ब्रह्मगुप्त

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DevanagariHindipublished737 pages

Page 627 of 737

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Page 627

( २४१ )
निच्छेदैर्⁴ भागहाराद्राश्यादि कला¹नाहताद्भु³ङ्क्तात् ।
भगणकलाभिर्लब्धं² मंडलशेषं दिनगणोऽस्मात्⁵ ॥ २६ ॥
एवं राश्यंश³ कला⁴शेषाण्यहर्गणः¹ प्राग्वत् ।
नष्टस्थानेष्विष्टानं⁵ कान्⁶ कृत्वोक्त⁷ वच्छेषशम्² ॥ २७ ॥
यो राश्यादीन् द्रष्ट्वा⁵ मध्यस्येष्टस्य कथयति द्युगुणम्¹ ।
ध्व्याधि²ग्रहयोगाद् ग्रहांतराद्वा³ स कुट्टज्ञः⁴ ॥ २८ ॥

२६. (घ) १. कलादिनाहताङ्गुक्तात् (ग) कलादिना हृताद्भुक्तात् for (कलानाहता-
ङ्गुक्तात्)
(ग) (वि० - इसकी श्लोक संख्या २१ है ।) २. (लब्धं भमंडल for (लब्धं मंडल)
(च) १. कलादिनाहताङ्गुक्तात् for (कलानाहताङ्गुक्तात्)
(ङ) (वि० - इसकी क्रम संख्या २१ है
४. निश्छेद for (निच्छेद) १. कलादिना for (कलाना)
३. हताद्भुक्तात् for (हताङ्गुक्तात्)
५. दिनगणोऽस्मात् for (दिनगणोस्मात्)
२७. (घ) १. हर्गणः for (हर्गणः) २. छेषम् for (छेषपम्)
(ग) (वि-इसकी श्लोक संख्या २२ है ।) ३. कलाविकला (ङ) for (कला)
४. शेषादहर्गणः (ङ) for (शेषाण्यहर्गणः)
(च) २. वच्छेषं for (वच्छेषशम्) १. हर्जणः for (हर्गणः)
(ङ) (वि० इसकी क्रम संख्या २२ है)
५. नष्टस्येष्टविष्टान् for (नष्टस्थानेष्विष्टानं)
६. तान् for (कान्) ७. कृत्वा भक्त्वोक्त for (कृत्वोक्त)
२. वच्छेषम् for (वच्छेषशम्)
२८. (घ) १. द्युगणम् (ग) (च) (ङ) for (द्युगुणम्)
२. द्वयादि for (ध्व्याधि) (ग) द्वयादिग्रहसंयोगात् for (ध्व्याधिग्रहयोगाद्)
३. गुहांततराद् (ग) ग्रहांतराद्वा for (ग्रहांतराद्वा)
४. कुट्टकज्ञः (ग) for (कुट्टज्ञः)
(ग) (वि-इसकी श्लोक संख्या २० है परंतु लिखी हुई १० है ।)
५. दृष्ट्वा (च) (ङ) for (द्रष्ट्वा)
(च) २. द्वयादिग्रह for (ध्व्याधिग्रह) ४. कुदज्ञः for (कुट्टज्ञः)
(ङ) (वि०-इसकी क्रम संख्या २० है)
२. द्वयादिग्रह संयोगात् for (ध्व्याधिग्रहयोगाद्)
४. कुदृज्ञः for (कुट्टज्ञः)